उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने चारधाम यात्रा को एक बार फिर प्रभावित कर दिया है। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे सिरोहबगड़ के पास मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है, जिससे यात्री बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी हालात खराब हैं—बारिश के चलते सोनप्रयाग में यात्रियों को कुछ समय के लिए रोका गया ताकि आगे के हालात सामान्य होने तक किसी तरह का जोखिम न उठाना पड़े।
वहीं, यमुनोत्री हाईवे की स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है। ओजरी के पास यह मार्ग लगातार 12वें दिन भी यातायात के लिए बंद रहा, जिससे न केवल तीर्थयात्रियों बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजमार्ग निर्माण खंड द्वारा यहां बैली ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जो अब अंतिम चरण में है। इंजीनियर मनोज रावत ने जानकारी दी कि ब्रिज पर डेग प्लेट बिछाई जा रही है और दोपहर बाद इसके खुलने की संभावना है।
राज्यभर में बारिश के कारण 87 सड़कें अभी भी बंद हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन सड़कों को खोलने के लिए संबंधित विभाग तेजी से काम कर रहे हैं। चमोली में 17, पिथौरागढ़ में 15, टिहरी में आठ, रुद्रप्रयाग में चार, और अन्य जिलों में भी कई मार्ग बंद हैं, जिससे संपर्क व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
चारधाम यात्रा की सुचारुता और स्थानीय जीवन के सामान्य संचालन को बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा है। हालांकि मौसम की मार और कठिन भूगोल के चलते राहत कार्यों में समय लग रहा है। तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों से आग्रह किया गया है कि वे यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन या यात्रा पोर्टल से ताजा अपडेट जरूर लें।
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