उत्तराखंड के चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में गुरुवार रात बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। खेता मानमती गांव के भौरियाबगड़ तोक के ऊपरी हिस्से में बादल फटने के कारण गदेरे (छोटे नाले) में अचानक तेज बहाव आ गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
इस आपदा में भौरियाबगड़ तोक स्थित खेता-तोरती मोटर मार्ग के किनारे बना हरि राम नामक व्यक्ति का सीमेंट स्टोर पूरी तरह तबाह हो गया। जानकारी के अनुसार, स्टोर में रखे करीब 250 बोरे सीमेंट, 30 कुंतल सरिया और अन्य निर्माण सामग्री बह गई या नष्ट हो गई। साथ ही, स्टोर के समीप स्थित हरि राम के मछली पालन तालाबों को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
तेज बहाव की चपेट में आने से खेता-तोरती संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही ठप पड़ गई है। वहीं, ग्रामीणों द्वारा खेतों और उनमें खड़ी फसलों को हुए नुकसान की भी जानकारी सामने आ रही है। प्रारंभिक आकलन में किसानों की फसलों को भी गंभीर क्षति हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। राजस्व निरीक्षक हरीश पोखरियाल ने बताया कि नलधुरा क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक पुष्कर सिंह नेगी के नेतृत्व में टीम ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण शुरू कर दिया है। टीम द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने का कार्य जारी है।
गौरतलब है कि इससे पहले हिमाचल के कुल्लू क्षेत्र में भी बादल फटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, और अब उत्तराखंड में भी पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और नालों व गदेरों के पास न जाने की अपील की है।






