चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक स्थित ग्रामीण बचत केंद्र मसौली में करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में पूर्व सचिव मोहनलाल (निवासी नौटी, कर्णप्रयाग) और सहकारिता आंकिक अमित सिंह नेगी (निवासी नौली, पोखरी) शामिल हैं। दोनों को गोपेश्वर से दबोचा गया।
यह कार्रवाई सहायक विकास अधिकारी राजन कुमार की तहरीर पर थाना पोखरी में दर्ज मामले के तहत की गई है। आरोप है कि वर्ष 2017 से 2023 के बीच दोनों ने मिलकर 76 लाख 48 हजार 559 रुपये की गबन की।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली बातें:
मृत खाताधारकों के नाम पर धन निकासी: जांच के दौरान खुलासा हुआ कि कई मृत खाताधारकों के नाम पर जाली दस्तावेज़ और फर्जी हस्ताक्षर तैयार कर धन की निकासी की गई।
162 खातों में अनियमितताएं: इनमें से कई फॉर्मों पर एक ही व्यक्ति के हस्ताक्षर पाए गए, जिससे गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
110 खाताधारकों ने निकासी से किया इनकार: पुलिस द्वारा लगाए गए विशेष कैंप में बयान दर्ज कराए गए, जिनमें 110 खाताधारकों ने कहा कि उन्होंने कोई निकासी नहीं की।
1.15 करोड़ से अधिक की निकासी जमा नहीं: लेखा सहायक द्वारा बैंक से 1.15 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निकाली गई जो बैंक में जमा नहीं हुई।
पूर्व सचिव की अवैध निकासी: पूर्व सचिव ने अपनी अधिकृत सीमा से बाहर जाकर 12.5 लाख रुपये की अवैध निकासी की।
समिति पर 26 लाख रुपये की देनदारी: ग्रामीण बचत केंद्र की समिति पर 800 खातों में कुल 26 लाख रुपये से अधिक की देनदारी भी सामने आई है।
आगे की कार्रवाई जारी:
पुलिस अब अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। संभावना है कि इस घोटाले में और भी कई लोगों की संलिप्तता सामने आए। इस मामले ने सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






