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काशीपुर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: सरकारी जमीन पर बनीं 5 अवैध मजारें हटाई गईं, धामी सरकार के बुलडोजर ने चलाया अभियान

On: July 3, 2025 7:37 AM
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काशीपुर (उधम सिंह नगर): उत्तराखंड सरकार के अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान के तहत गुरुवार सुबह काशीपुर के कुंडेश्वरी क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर बनी पांच अवैध मजारों को ध्वस्त कर दिया। ये सभी धार्मिक संरचनाएं सीलिंग की भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के बनाई गई थीं।

तड़के सुबह हुई इस कार्रवाई का नेतृत्व काशीपुर के एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि कुंडेश्वरी स्थित सरकारी आम बाग की भूमि पर कई वर्षों से अवैध रूप से ये मजारें खड़ी थीं। प्रशासन को अवैध कब्जे की सूचना मिलने के बाद करीब 15 दिन पूर्व संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर भूमि के स्वामित्व और निर्माण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। लेकिन तय समय सीमा के भीतर कोई भी दस्तावेज नहीं दिए गए, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इन ढांचों को हटा दिया।

कार्रवाई के दौरान चौंकाने वाला खुलासा

सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मजारें हटाए जाने के बाद मौके पर कोई धार्मिक सामग्री, अवशेष या ऐतिहासिक प्रमाण नहीं मिला। इससे स्पष्ट हो गया कि ये ढांचे बिना किसी धार्मिक विरासत के केवल कब्जे की नीयत से बनाए गए थे।

एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि सरकारी रिकॉर्ड में यह भूमि पहले से ही सीलिंग की भूमि के रूप में दर्ज है और इस पर किसी भी प्रकार का निजी, व्यावसायिक या धार्मिक निर्माण प्रतिबंधित है। प्रशासन ने पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से और बिना किसी विरोध के संपन्न की, ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

प्रदेशभर में जारी है धामी सरकार का सख्त रुख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही साफ कर चुके हैं कि देवभूमि उत्तराखंड की जमीन पर अवैध कब्जों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विशेषकर ऐसी धार्मिक आड़ में किए गए कब्जों को, जहां हरी-नीली चादरों से सरकारी भूमि पर कब्जा कर उसे धार्मिक स्थल का रूप देने की कोशिश की जाती है।

राज्यभर में चल रहे अभियान के तहत अब तक 537 अवैध मजारों को हटाया जा चुका है। सरकार की यह मुहिम लगातार जारी है और प्रशासनिक अमला हर जिले में सतर्कता के साथ काम कर रहा है।

धामी सरकार का स्पष्ट संदेश: अवैध कब्जा किसी कीमत पर नहीं

कुंडेश्वरी क्षेत्र की सीलिंग भूमि पर वर्षों से धीरे-धीरे अवैध निर्माण खड़ा कर कब्जा स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। लेकिन इस बार प्रशासन की सख्ती ने ऐसे मंसूबों पर पानी फेर दिया। शासन और प्रशासन की सक्रिय निगरानी और सटीक कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी जमीनों पर कब्जा कर उसे वैध धार्मिक स्थल बनाने के प्रयास अब सफल नहीं होंगे।

प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि कार्रवाई के दौरान कोई धार्मिक भावना आहत न हो और माहौल में शांति बनी रहे। आम जनता, जो लंबे समय से इन अवैध संरचनाओं के कारण असुविधा का सामना कर रही थी, अब राहत महसूस कर रही है।

राज्य में अवैध निर्माणों के खिलाफ मुहिम और तेज

यह घटना उत्तराखंड में अवैध धार्मिक निर्माणों के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। धामी सरकार के इस अभियान से न केवल अवैध कब्जेदारों में हड़कंप है, बल्कि आम जनता के बीच यह भरोसा भी जगा है कि राज्य में अब कानून का शासन चलेगा, न कि दबंगई और कब्जों का।

आगामी दिनों में राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसी अवैध मजारों, मदरसों और अन्य कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कर जनता के हित में उसका सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

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