बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के हलासुरु गेट पुलिस थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। सुबह करीब साढ़े तीन बजे चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। घटना में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक आग इमारत के भूतल पर बने प्लास्टिक मैट के गोदाम से भड़की थी।
आग की सूचना मिलते ही दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। हालांकि, इमारत में घना धुआं भर जाने के कारण दमकल कर्मियों को भीतर घुसने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। किसी तरह बचाव दल ने अंदर प्रवेश किया और अब तक तीन शवों को बाहर निकालकर विक्टोरिया अस्पताल भेजा गया है। मृतकों में मदन सिंह (36) और सुरेश (34) की पहचान हो चुकी है, जबकि एक अन्य शख्स की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है।
जानकारी के अनुसार, इमारत के भूतल और प्रथम तल पर प्लास्टिक की चटाइयों का गोदाम था। तीसरी मंजिल पर रहने वाले मदन सिंह मूल रूप से राजस्थान के निवासी थे और यहां पत्नी संगीता व बच्चों विहान और नितेश के साथ रहते थे। आग लगने पर मदन सिंह का परिवार और तीन मजदूर गोदाम के हिस्से में फंस गए थे। इस दौरान मदन सिंह समेत तीन लोगों की मौत हो गई।
हादसे की खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इमारत के अंदर और लोग फंसे हैं या नहीं। राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
इसी बीच चिक्कापेट विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक आर.वी. देवराज भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आशंका जताई कि इमारत में आग लगने के समय पांच से ज्यादा लोग मौजूद थे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि यह इमारत अवैध तरीके से बनाई गई थी और इसी कारण बड़ा हादसा हुआ। उन्होंने प्रशासन से मामले की गहन जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस तरह का हादसा शहर में आग सुरक्षा इंतज़ामों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल दमकल विभाग आग पूरी तरह बुझाने और इमारत को खंगालने की कोशिशों में जुटा हुआ है।









