उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कालनेमि’ का दायरा अब बदरीनाथ धाम तक पहुंच चुका है। देवभूमि की आस्था को ढोंगी और छद्मवेशधारी बाबाओं से बचाने के उद्देश्य से पुलिस ने यहां भी संतों का गहन सत्यापन शुरू कर दिया है। रविवार को पुलिस ने दर्जनों बाबाओं को थाने बुलाकर उनकी पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इस जांच में दो बाबा संदिग्ध पाए गए, जिनके पहचानपत्रों की गहन पड़ताल जारी है।
बदरीनाथ थाना प्रभारी नवनीत भंडारी के अनुसार, धाम क्षेत्र में अब तक कुल 600 बाबाओं का सत्यापन किया गया है। इनमें से कुछ साधु अब धाम छोड़कर जा चुके हैं। हर साल यात्रा काल में यहां बड़ी संख्या में बाबा वेशधारी लोग पहुंचते हैं, जिससे पुलिस को समय-समय पर इनकी पहचान सत्यापित करने की आवश्यकता पड़ती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ किया है कि प्रदेश में किसी भी रूप में आस्था के नाम पर धोखा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “देवभूमि की पवित्रता और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए ऑपरेशन कालनेमि जैसी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी।” उन्होंने लैंड जिहाद और लव जिहाद के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की बात दोहराई।
अब तक इस अभियान के अंतर्गत राज्यभर में 60 से अधिक फर्जी साधुओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस और प्रशासन का यह कदम न केवल धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए जरूरी है, बल्कि आम जनमानस की आस्था और सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
यह भी पढ़ें : बैराज रोड पर कार सवारों ने छात्र नेता और उसके साथियों पर बरसाई गोलियां, मचा हड़कंप








