दीपावली पर उम्मीद थी कि पटाखों से प्रदूषण में कमी आएगी, लेकिन ऐसा पूरी तरह नहीं हो सका। फिर भी, इस बार देहरादून में वायु गुणवत्ता पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की तेज गति, लोगों में बढ़ती जागरूकता, प्रशासनिक नियंत्रण और औद्योगिक व वाहनों के उत्सर्जन में कमी जैसे कारणों से इस बार वातावरण कुछ ज्यादा स्वच्छ रहा।
राजधानी दून में दीपावली का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। हालांकि पटाखों की गूंज कम रही, जिससे राहत का अनुभव हुआ। दीपावली की रात वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भले ही “खराब श्रेणी” में पहुंच गया, लेकिन पिछले सालों की तुलना में यह काफी बेहतर रहा। घंटाघर पर एक्यूआई 254 और नेहरू कॉलोनी में 230 दर्ज किया गया। वर्ष 2024 की तुलना में क्रमशः 34 और 13 अंकों की कमी रही। वहीं, ऋषिकेश में यह आंकड़ा 135 रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 38 अंक कम है।
टिहरी में स्थिति सबसे बेहतर रही, जहां दीपावली की रात एक्यूआई 66 पर सीमित रहा — यानी “संतोषजनक” श्रेणी में। यह संकेत देता है कि इस बार पर्व पर हवा में पहले जैसी घुटन महसूस नहीं हुई।
दीपावली तक देहरादून में हवा का हाल
पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 13 अक्टूबर से देहरादून, ऋषिकेश और टिहरी में वायु गुणवत्ता की लगातार निगरानी शुरू की थी, जो दीपावली के बाद 27 अक्टूबर तक जारी रहेगी। दीपावली से पहले तक हवा “मध्यम श्रेणी” में बनी रही, लेकिन बड़ी दीपावली की रात इसमें उछाल आया। बावजूद इसके, 2024 की तुलना में प्रदूषण में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
| स्थान | 13 अक्टूबर | 14 अक्टूबर | 15 अक्टूबर | 16 अक्टूबर | 17 अक्टूबर | 18 अक्टूबर | 19 अक्टूबर | 20 अक्टूबर |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| घंटाघर | 113 | 106 | 120 | 114 | 102 | 171 | 162 | |
| नेहरू कालोनी | 95 | 98 | 102 | 111 | 97 | 128 | 120 |
दीपावली की रात का एक्यूआई (वर्षवार तुलना)
वर्ष
घंटाघर
नेहरू कालोनी
ऋषिकेश
2025
254
230
135
2024
288
243
173
2023
333
349
196
2022
252
242
236
2021
248
306
257
2020
317 (एक ही स्थल)
—
198
एयर क्वालिटी इंडेक्स के मानक:
0-50: अच्छा
51-100: संतोषजनक
101-200: मध्यम
201-300: खराब
301-400: बहुत खराब
401 से अधिक: अति गंभीर
ड्रोन से बरसी पानी की फुहारें, हवा में ठहर न पाए प्रदूषण कण
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित पोखरियाल ने बताया कि दीपावली के दौरान वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर देहरादून के नौ प्रमुख स्थलों—घंटाघर, राजपुर रोड, आइएसबीटी समेत—पर ड्रोन उड़ाए गए। इनसे वातावरण में पानी की फुहारें छोड़ी गईं ताकि धूल और धुएं के कण नीचे बैठ जाएं। ऋषिकेश में भी चार स्थानों पर इसी तरह की कार्रवाई की गई, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया।
दो दिन की दीपावली, कम जले पटाखे, हवा रही बेहतर
इस बार दीपावली की तारीख को लेकर भ्रम बना रहा। कई परिवारों ने सोमवार को पर्व मनाया, तो कुछ ने मंगलवार को दीपावली मनाई। नतीजतन, सोमवार को पटाखों की खपत अपेक्षाकृत कम रही और प्रदूषण भी कम फैला। मंगलवार को भी कुछ हद तक आतिशबाजी हुई, जिसके आंकड़े बुधवार को जारी किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, इस बार देहरादून ने पहले से अधिक संयम और जागरूकता के साथ दीपावली मनाई। नतीजतन, वायु प्रदूषण का स्तर घटा और लोगों ने राहत की सांस ली।





