Asian Para Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता में भारत ने कुल 114 पदक जीतकर अपना अभियान समाप्त किया। भारतीय दल ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। यह एशियाई पैरा खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
23 अक्टूबर को प्रतियोगिता के पांचवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में पदक जीते। दिन की शुरुआत पैरा बैडमिंटन और पैरा तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता के साथ हुई। इसके बाद एथलेटिक्स और अन्य स्पर्धाओं में भी भारत की पदक संख्या बढ़ती गई।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
भारत ने पार किया 100 पदकों का आंकड़ा
भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान लगातार बेहतर प्रदर्शन किया और 100 पदकों का आंकड़ा पार कर लिया। अंतिम परिणाम में भारत के खाते में 114 पदक आए। इससे पहले हांगझोऊ में आयोजित 2022 एशियन पैरा गेम्स में भारत ने 108 पदक जीते थे। इस बार भारतीय दल ने अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
भारत की इस उपलब्धि की खास बात यह रही कि पिछली प्रतियोगिता के मुकाबले इस बार भारतीय दल में खिलाड़ियों की संख्या कम थी। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने अधिक पदक जीतकर अपनी क्षमता और मेहनत का परिचय दिया।
पैरा बैडमिंटन में नितेश कुमार ने जीता गोल्ड
पैरा बैडमिंटन में भारत को बड़ी सफलता मिली। पुरुष एकल SL3 वर्ग के फाइनल में नितेश कुमार ने अपने ही देश के प्रमोद भगत को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस मुकाबले में दोनों भारतीय खिलाड़ियों के आमने-सामने होने से भारत का एक स्वर्ण और एक रजत पदक पक्का था।
महिला एकल SU5 वर्ग में थुलसिमथी मुरुगेसन को फाइनल में चीन की यांग किउशिया से हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने रजत पदक हासिल किया। पुरुषों की 1500 मीटर T46 स्पर्धा में प्रमोद ने 4 मिनट 9.65 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक जीता।
तीरंदाजी में भारत का दमदार प्रदर्शन
पैरा तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष रिकर्व टीम स्पर्धा में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की जोड़ी ने चीन को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
वहीं, महिला रिकर्व डबल्स के फाइनल में पूजा जत्यान और भावना चौधरी की जोड़ी को चीन के खिलाफ हार मिली और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। तीरंदाजी में मिले पदकों ने भारत की कुल पदक संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों का जलवा
पैरा एथलेटिक्स भारतीय दल के लिए सबसे सफल खेलों में शामिल रहा। प्रतियोगिता के दौरान भारतीय एथलीटों ने दौड़, थ्रो और अन्य स्पर्धाओं में कई पदक जीते।
पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में सुमित अंतिल ने स्वर्ण पदक हासिल किया। इसी मुकाबले में महेंद्र गुर्जर ने रजत और संदीप सरगर ने कांस्य पदक जीता। इस तरह भारत ने एक ही स्पर्धा में तीनों पदक अपने नाम किए।
पुरुषों की क्लब थ्रो F51 स्पर्धा में प्रणव सूरमा ने 32.87 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता और नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। धर्मबीर नैन ने कांस्य पदक हासिल किया। इसके अलावा संदीप ने 400 मीटर T64 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतकर भारत की उपलब्धियों में इजाफा किया।
चौथे स्थान पर रहा भारत, चीन शीर्ष पर
Asian Para Games 2026 की पदक तालिका में चीन ने पहला स्थान हासिल किया। जापान दूसरे और उज्बेकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा। भारत 114 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा।
भारत के इस प्रदर्शन ने साबित किया कि पैरा खेलों में देश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता लगातार बढ़ रही है। पैरा एथलेटिक्स के साथ बैडमिंटन, तीरंदाजी, तैराकी और अन्य खेलों में मिली सफलता ने पदक तालिका को मजबूत बनाया।
भारतीय खिलाड़ियों ने बनाया नया रिकॉर्ड
Asian Para Games 2026 में भारत का प्रदर्शन केवल पदकों की संख्या तक सीमित नहीं रहा। खिलाड़ियों ने कई स्पर्धाओं में रिकॉर्ड बनाए और कठिन मुकाबलों में अपनी प्रतिभा दिखाई। 114 पदकों के साथ अभियान समाप्त करना भारतीय पैरा खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस सफलता से आने वाले समय में पैरा खेलों को प्रोत्साहन मिलने और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलने की उम्मीद है। भारतीय दल ने अपने प्रदर्शन से यह संदेश दिया कि मजबूत तैयारी, समर्पण और निरंतर मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।











1 thought on “Asian Para Games 2026: भारत ने रचा इतिहास, 114 मेडल के साथ अभियान समाप्त, 30 गोल्ड जीतकर हासिल किया चौथा स्थान”