Gaushala in Khatima: उत्तराखंड के खटीमा में लंबे समय से प्रस्तावित गौशाला का निर्माण पूरा हो गया है। हल्दीघेरा में करीब सात एकड़ क्षेत्र में तैयार इस गौशाला का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया। करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस गौशाला में लगभग 2,000 निराश्रित गौवंश को रखने की क्षमता बताई गई है।
लोकार्पण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने गौपूजन के बाद गौशाला को क्षेत्र की जनता को समर्पित किया। Gaushala in Khatima के शुरू होने से सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित गौवंश को आश्रय मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों और आम लोगों को भी राहत मिल सकती है।
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सात एकड़ में तैयार हुई गौशाला
हल्दीघेरा में बनी Gaushala in Khatima करीब सात एकड़ भूमि में विकसित की गई है। इसके निर्माण में लगभग 8 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है। निर्माण की देखरेख जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या द्वारा किए जाने की बात सामने आई है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
गौशाला की क्षमता करीब 2,000 पशुओं की है। ऐसे में यहां क्षेत्र में मिलने वाले निराश्रित गौवंश को रखने की व्यवस्था की जाएगी। परियोजना के पूरा होने से स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखने को मिला।
किसानों को मिलेगी राहत की उम्मीद
ग्रामीण इलाकों में आवारा गौवंश किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। पशुओं के खेतों में पहुंचने से फसलों को नुकसान होने की शिकायतें सामने आती हैं। वहीं, सड़कों पर पशुओं की मौजूदगी से यातायात संबंधी समस्याएं भी पैदा होती हैं।
ऐसे में Gaushala in Khatima के संचालन से इन समस्याओं को कम करने की उम्मीद है। हालांकि, इसका असर गौशाला के नियमित संचालन और पशुओं की उचित देखभाल पर निर्भर करेगा।
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विस्तार के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की घोषणा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गौशाला के विस्तार के लिए डेढ़ करोड़ रुपये देने की घोषणा की। अतिरिक्त राशि से गौशाला में भविष्य में जरूरी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशाला बनने से किसानों और आम लोगों को निराश्रित गौवंश से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलेगी। उन्होंने गौसेवा को परंपरा के साथ जिम्मेदारी और कर्तव्य से भी जोड़ा।
गौ संरक्षण को लेकर सरकार की नीति का जिक्र
सीएम धामी ने अपने संबोधन में सरकार की गौ संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं के निर्माण और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली कांग्रेस सरकारों पर गौ संरक्षण को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संस्कृति और गौ संरक्षण से जुड़े कार्यों का जिक्र किया।
संचालन पर रहेगी नजर
Gaushala in Khatima के लोकार्पण के बाद अब इसके प्रभावी संचालन की चुनौती रहेगी। करीब 2,000 पशुओं की क्षमता वाली गौशाला में चारा, पानी, साफ-सफाई और पशु चिकित्सा जैसी व्यवस्थाएं नियमित रूप से बनाए रखना जरूरी होगा।
सड़कों से निराश्रित गौवंश को गौशाला तक पहुंचाने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल 8 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू हो चुकी है और डेढ़ करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट की घोषणा के बाद इसके विस्तार की उम्मीद बढ़ी है।







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