Uttarakhand Waqf Board Marks 18 Shops for Demolition
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Uttarakhand: Sahastradhara Crossing पर 18 दुकानों पर लाल निशान, Waqf Board की कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप

On: September 16, 2026 6:59 PM
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Uttarakhand: Red marks placed on 18 shops at Sahastradhara Crossing; Waqf Board's action sparks panic among shopkeepers.

Uttarakhand: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में वक्फ संपत्तियों पर कार्रवाई का सिलसिला तेज होता दिखाई दे रहा है। रायपुर रोड स्थित सहस्रधारा क्रॉसिंग पर स्थानीय प्रशासन और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की संयुक्त टीम ने 18 व्यावसायिक दुकानों को लाल निशान लगाकर चिन्हित किया है। अधिकारियों के अनुसार, ये दुकानें वक्फ संपत्ति संख्या-8 पर स्थित हैं और इनके संबंध में अवैध अतिक्रमण तथा वैध और सक्रिय लीज एग्रीमेंट नहीं होने से जुड़े मामले सामने आए हैं।

दुकानों पर लाल निशान लगाए जाने के बाद स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने विरोध जताया। उनका कहना है कि यह क्षेत्र करीब 50 से 55 साल पुराना है और कई परिवार लंबे समय से यहां कारोबार करते आ रहे हैं। दुकानदारों को आशंका है कि यदि दुकानें हटाई या ध्वस्त की जाती हैं तो उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा।

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Uttarakhand: 18 दुकानों को किया गया चिन्हित

शनिवार को स्थानीय प्रशासन और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की संयुक्त प्रवर्तन टीम सहस्रधारा क्रॉसिंग पहुंची। टीम ने रायपुर रोड पर वक्फ संपत्ति संख्या-8 से जुड़ी 18 व्यावसायिक दुकानों को कार्रवाई के लिए लाल निशान से चिह्नित किया।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

रिपोर्ट के अनुसार, कार्रवाई का संबंध कथित अवैध कब्जे और ऐसी व्यावसायिक इकाइयों से है जो सक्रिय लीज या किराये के वैध समझौते के बिना संचालित हो रही थीं। प्रशासन और वक्फ बोर्ड की ओर से वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड और उनके उपयोग की जांच के तहत यह कार्रवाई की गई है।

दुकानों पर लाल निशान लगते ही विरोध शुरू

प्रवर्तन टीम की कार्रवाई के बाद स्थानीय दुकानदार और निवासी मौके पर एकत्र हुए और उन्होंने विरोध दर्ज कराया। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र की पुरानी बसावट का हवाला देते हुए कहा कि यहां कई परिवार दशकों से रह रहे हैं और कारोबार कर अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं।

दुकानदारों का कहना है कि उनका कारोबार लंबे समय से इसी स्थान पर चल रहा है। ऐसे में यदि दुकानों को हटाया जाता है या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होती है तो उनके सामने रोजगार और आय का संकट खड़ा हो सकता है।

Uttarakhand: 50 से 55 साल पुरानी बस्ती का दावा

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में क्षेत्र के पुराने इतिहास का भी उल्लेख किया। उनका दावा है कि सहस्रधारा क्रॉसिंग के आसपास यह बस्ती लगभग 50 से 55 वर्षों से मौजूद है।

दुकानदारों के मुताबिक, कई कारोबारी परिवार लंबे समय से यहां दुकानें संचालित कर रहे हैं। इसलिए वे चाहते हैं कि किसी भी अंतिम कार्रवाई से पहले उनके किराये, लीज और अन्य संबंधित दस्तावेजों की स्थिति को भी देखा जाए।

हालांकि, प्रशासन की ओर से दुकानों को लेकर अंतिम कार्रवाई की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, फिलहाल लाल निशान लगाए गए हैं और दुकानों की tenancy status को लेकर आगे की प्रक्रिया जारी है।

वक्फ संपत्तियों पर कार्रवाई तेज

सहस्रधारा क्रॉसिंग की कार्रवाई उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों पर चल रही व्यापक प्रशासनिक जांच के बीच सामने आई है। राज्य में वक्फ संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जे और बिना वैध किराया या लीज समझौते के संचालित व्यावसायिक इकाइयों को लेकर जांच और कार्रवाई की जा रही है।

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने भी हाल में राज्य में वक्फ संपत्तियों और कब्रिस्तानों पर कथित अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई तेज करने की बात कही है। उन्होंने देहरादून और हरिद्वार जिला प्रशासन के साथ समन्वय में अतिक्रमण हटाने के अभियान की जानकारी दी है।

दुकानदारों के सामने आजीविका का सवाल

18 दुकानों पर लाल निशान लगने के बाद सबसे बड़ी चिंता स्थानीय कारोबारियों की आजीविका को लेकर है। दुकानदारों का कहना है कि उनका कारोबार सिर्फ एक दुकान तक सीमित नहीं है, बल्कि कई परिवारों की रोजमर्रा की आय इसी से जुड़ी हुई है।

यदि प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद दुकानों को हटाने का निर्णय लिया जाता है तो प्रभावित दुकानदारों के सामने वैकल्पिक रोजगार और कारोबार की व्यवस्था का सवाल भी उठ सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अंतिम कार्रवाई से पहले प्रभावित दुकानदारों को कोई वैकल्पिक व्यवस्था या अन्य राहत दी जाएगी या नहीं।

Uttarakhand: Waqf Board का अभियान क्यों चर्चा में?

उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां हाल के दिनों में लगातार चर्चा में रही हैं। वक्फ बोर्ड की ओर से संपत्तियों के रिकॉर्ड, कब्जे और उपयोग की स्थिति की समीक्षा की जा रही है।

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने 14 सितंबर को देहरादून में वक्फ संपत्तियों और कब्रिस्तानों पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की बात कही थी। उनके अनुसार, संबंधित लोगों को नोटिस भी दिए जा रहे हैं और जिला प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। ये उनके द्वारा किए गए दावे हैं, जिन पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।

UCC के बाद वक्फ प्रशासन में भी बदलाव

वक्फ संपत्तियों पर कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code (UCC) के लागू होने के बाद वक्फ प्रशासन से जुड़े कई बदलाव भी चर्चा में हैं।

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने सितंबर की शुरुआत में UCC के अनुरूप संशोधित और मानकीकृत निकाहनामा तैयार किए जाने की जानकारी दी थी। हालांकि, सहस्रधारा क्रॉसिंग पर 18 दुकानों को चिन्हित किए जाने की तत्काल कार्रवाई मुख्य रूप से वक्फ संपत्ति पर कथित अतिक्रमण और लीज दस्तावेजों से संबंधित बताई गई है।

अब आगे क्या होगा?

सहस्रधारा क्रॉसिंग पर 18 दुकानों को लाल निशान लगाए जाने के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। अभी तक दुकानों को ध्वस्त करने की कोई अंतिम तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है।

दूसरी ओर, दुकानदार और स्थानीय निवासी कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं और अपनी लंबे समय से चली आ रही आजीविका का हवाला दे रहे हैं। ऐसे में आगे की प्रक्रिया में संबंधित दुकानों के लीज दस्तावेज, किरायेदारी की स्थिति और प्रशासनिक रिकॉर्ड अहम भूमिका निभा सकते हैं।

देहरादून के सहस्रधारा क्रॉसिंग पर हुई यह कार्रवाई उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों को लेकर चल रही व्यापक प्रशासनिक जांच का हिस्सा बताई जा रही है। फिलहाल 18 दुकानों पर लाल निशान लगाए जा चुके हैं, लेकिन अंतिम ध्वस्तीकरण या हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आने वाले दिनों में प्रशासन के अगले कदम से यह तय होगा कि इन दुकानों का भविष्य क्या होगा।

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