अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

​Uttarakhand Free Bus Travel Scheme: सीएम धामी का 6.50 लाख महिलाओं को बड़ा तोहफा, अब मुफ्त रोडवेज यात्रा की सौगात

On: August 31, 2026 3:43 AM
Follow Us:
Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami announcing free bus travel scheme for senior women

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। Uttarakhand Free Bus Travel Scheme के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा देने का बड़ा फैसला किया है। सरकार के इस फैसले से राज्य की साढ़े छह लाख से अधिक वरिष्ठ महिलाओं को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा।

​इस दूरगामी पहल का सबसे बड़ा असर पर्वतीय, दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली बुजुर्ग महिलाओं पर देखने को मिलेगा, जिन्हें आवागमन के दौरान आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सरकार का उद्देश्य न केवल सार्वजनिक परिवहन को सुलभ बनाना है, बल्कि प्रदेश की मातृशक्ति को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवनशैली प्रदान करना भी है।

Uttarakhand Free Bus Travel Scheme से बुजुर्ग महिलाओं को मिलेगी सीधी राहत

​उत्तराखंड में अब तक वरिष्ठ नागरिकों (65 वर्ष से अधिक) के लिए रोडवेज बसों में रियायती यात्रा की व्यवस्था थी। हालांकि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चकरपुर स्टेडियम (खटीमा) में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की कि Uttarakhand Free Bus Travel Scheme के अंतर्गत अब महिलाओं के लिए यह पात्रता उम्र घटाकर 60 वर्ष कर दी गई है।

​इससे 60 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं राज्य भर में बिना कोई किराया दिए रोडवेज की बसों में सफर कर सकेंगी। त्योहारों के मौसम में और नियमित रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं या रिश्तेदारी में आने-जाने के लिए यह योजना ग्रामीण इलाकों की महिलाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

​रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद और विभिन्न महिला संगठनों ने इस फैसले का जोरदार स्वागत किया है। उनका मानना है कि इस कदम से न केवल बुजुर्ग महिलाओं को वित्तीय राहत मिलेगी, बल्कि बसों में यात्रीभार बढ़ने से परिवहन निगम की उपयोगिता और आय व्यवस्था में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए 10 Pink E-Buses और आधुनिक हाईटेक टॉयलेट्स

​राज्य सरकार केवल रियायती किराए तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर भी ठोस कदम उठा रही है।

  • पिंक ई-बस सेवा (Pink E-Bus Service): केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री ई-बस सेवा’ के अंतर्गत उत्तराखंड को 137 इलेक्ट्रिक बसें मिल रही हैं। इनमें से देहरादून के लिए आवंटित 100 बसों में से 10 विशेष Pink E-Buses महिलाओं के लिए समर्पित की जाएंगी। इन बसों में महिला चालकों/परिचालकों की नियुक्ति और उन्नत सुरक्षा मानक (CCTV, आपातकालीन बटन) सुनिश्चित किए जाएंगे। चरणबद्ध तरीके से इसे प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी लागू किया जाएगा।
  • सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक हाईटेक टॉयलेट: महिलाओं की गरिमा, निजता और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड के सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस अड्डों और पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं से लैस हाईटेक टॉयलेट्स बनाए जा रहे हैं।

महिला स्वरोजगार योजना: लोन सीमा बढ़कर हुई 2.50 लाख रुपये

​आर्थिक आत्मनिर्भरता के बिना महिला सशक्तिकरण अधूरा है। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री धामी ने Uttarakhand Free Bus Travel Scheme के साथ-साथ महिला उद्यमियों के लिए भी बड़े वित्तीय सुधारों का ऐलान किया है।

  1. ऋण सीमा में वृद्धि: महिला स्वरोजगार योजना के तहत मिलने वाले रियायती बैंक ऋण की सीमा को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये कर दिया गया है।
  2. रोजगार दाता बनने का सपना: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल ‘नौकरी मांगने वाला’ नहीं, बल्कि ‘रोजगार देने वाला’ बनाना है।
  3. ब्याजमुक्त ऋण: राज्य के स्वयं सहायता समूहों (SHG) को अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

लखपति दीदी से ‘करोड़पति दीदी’ की ओर बढ़ते कदम

​धामी सरकार की नीतियों का परिणाम है कि उत्तराखंड में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 3.09 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। यानी उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक हो गई है।

​समारोह में महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना सिर्फ एक वित्तीय आंकड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देवभूमि की महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान है। उन्होंने महिलाओं से अपने लक्ष्यों को और ऊंचा उठाकर ‘करोड़पति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

​महिलाओं के उत्पादों को वैश्विक और स्थानीय बाजार देने के लिए ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के तहत विकासखंड स्तर पर बिक्री केंद्र खोले जा रहे हैं। देहरादून में प्रदेश के सभी 13 जिलों के स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए 13 विशेष केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण की प्रमुख योजनाएं

​राज्य सरकार ने महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा ढांचा तैयार किया है:

  • 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण: उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों में राज्य की मूल निवासी महिलाओं को 30% आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिया गया है।
  • नंदा गौरा योजना: बालिका सुरक्षा और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बेटी के जन्म पर 11,000 रुपये और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है।
  • मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना: प्रसव के बाद माता और नवजात शिशु के समुचित पोषण एवं देखभाल के लिए आवश्यक सामग्रियों से युक्त निःशुल्क किट प्रदान की जाती है।
  • सुरक्षा एवं सहायता प्रणाली: संकटग्रस्त महिलाओं की त्वरित मदद के लिए 181 महिला हेल्पलाइन और प्रदेश के सभी जिलों में ‘वन स्टॉप सेंटर’ 24 घंटे सक्रियता से काम कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. Uttarakhand Free Bus Travel Scheme का लाभ किसे मिलेगा?

Ans: इस योजना का लाभ उत्तराखंड की 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की सभी महिलाओं को मिलेगा। वे उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं।

Q2. मुफ्त बस यात्रा योजना के लिए पात्रता की उम्र क्या है?

Ans: पहले सामान्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह आयु सीमा 65 वर्ष थी, लेकिन अब महिलाओं के लिए इसे घटाकर 60 वर्ष कर दिया गया है।

Q3. देहरादून में महिलाओं के लिए शुरू हो रही Pink E-Bus क्या है?

Ans: पीएम ई-बस सेवा के तहत देहरादून में चलने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसों में से 10 बसें विशेष रूप से महिलाओं के लिए ‘पिंक ई-बस’ के रूप में आरक्षित और संचालित की जाएंगी।

निष्कर्ष

​उत्तराखंड सरकार का यह कदम केवल परिवहन सुविधा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बुजुर्ग महिलाओं के प्रति राज्य के सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है। Uttarakhand Free Bus Travel Scheme, पिंक ई-बस सेवा और महिला स्वरोजगार ऋण में बढ़ोतरी जैसे फैसले देवभूमि की मातृशक्ति को सुरक्षित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

ALSO READ THIS:Uttarakhand Weather Update: देहरादून समेत चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, तापमान में गिरावट से बढ़ी ठंड

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment