Uttarakhand Weather Update के तहत प्रदेश भर में मानसून का प्रचंड रूप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए राजधानी देहरादून समेत राज्य के कई संवेदनशील हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कों के बंद होने का खतरा बढ़ गया है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।
Uttarakhand Weather Update: देहरादून में 24 घंटे में 100 मिमी से अधिक वर्षा
राजधानी देहरादून और इसके आसपास के क्षेत्रों में बीते शनिवार शाम से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का दौर रविवार तक अनवरत जारी रहा। पिछले 24 घंटों के भीतर शहर के विभिन्न इलाकों में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। Uttarakhand Weather Update के अनुसार, इस निरंतर वर्षा के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है और आवाजाही में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार हो रही वर्षा का सीधा असर प्रदेश के तापमान पर पड़ा है। दून का अधिकतम पारा एक ही दिन में लगभग 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया, जिससे मौसम में अचानक ठंडक महसूस की जा रही है।
Uttarakhand Weather Update: मुख्य शहरों में तापमान की स्थिति
बारिश और ठंडी हवाओं के चलते राज्य के विभिन्न शहरों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है:
- देहरादून: अधिकतम तापमान 26.6°C और न्यूनतम तापमान 24.2°C दर्ज किया गया।
- पंतनगर: अधिकतम तापमान 28.0°C और न्यूनतम तापमान 25.4°C रहा।
- नई टिहरी: अधिकतम तापमान 21.0°C और न्यूनतम तापमान 16.4°C रिकॉर्ड हुआ।
- मुक्तेश्वर: अधिकतम तापमान 20.4°C और न्यूनतम तापमान 15.4°C रहा।
Uttarakhand Weather Update: ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले जिले
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के चार प्रमुख जिलों—देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल—में तीव्र से अति तीव्र बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बिजली गिरने और मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है।
इसके अतिरिक्त पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जैसे जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने प्रशासन और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन का खतरा और मैदानी इलाकों में जलभराव
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण चट्टानें खिसकने और मुख्य मार्गों के बाधित होने का जोखिम अत्यधिक बढ़ गया है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की हिदायत दी गई है। वहीं मैदानी भागों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा मंडरा रहा है।
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