BD Pandey Hospital: नैनीताल के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थान बीडी पांडे जिला अस्पताल को जल्द बड़ा बदलाव मिल सकता है। उत्तराखंड हाईकोर्ट की टिप्पणियों के बाद राज्य सरकार ने अस्पताल की जर्जर इमारतों की मरम्मत और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय के निरीक्षण के बाद तकनीकी टीम ने अस्पताल भवन का विस्तृत सर्वे किया और विभिन्न हिस्सों की स्थिति का आकलन किया।
BD Pandey Hospital: शुरू हुई तकनीकी जांच
रविवार को सहायक अभियंता निर्मल थापा और जूनियर इंजीनियर जे. के. तिवारी के नेतृत्व में तकनीकी टीम ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। टीम ने पुरानी इमारतों, छतों से हो रहे पानी के रिसाव और अन्य तकनीकी व ढांचागत समस्याओं का जायजा लिया। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग आगे की कार्रवाई और आवश्यक निर्माण या मरम्मत कार्यों पर निर्णय ले सकता है।
अस्पताल प्रशासन लंबे समय से भवन की खराब स्थिति और बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं को स्वास्थ्य विभाग के सामने रखता रहा है। बताया गया है कि कई हिस्सों में छतों से पानी टपकने और पुरानी संरचनाओं के कमजोर होने जैसी समस्याएं मौजूद हैं। अब तकनीकी सर्वे के बाद अस्पताल के कायाकल्प की उम्मीद बढ़ गई है।
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हाईकोर्ट की टिप्पणियों के बाद बढ़ी हलचल
BD Pandey Hospital की स्थिति को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट पहले भी गंभीर टिप्पणी कर चुका है। नवंबर 2025 के एक आदेश में अदालत ने अस्पताल की पुरानी इमारतों, सीमित जगह और एंबुलेंस की आवाजाही से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख किया था। अदालत ने कहा था कि अस्पताल परिसर का बड़ा हिस्सा पहले से निर्मित है और पहुंच मार्ग भी गंभीर चुनौती बना हुआ है।
अदालत ने अस्पताल की इमारतों की हालत पर भी चिंता जताई थी। रिकॉर्ड के अनुसार, कई भवन 100 वर्ष से अधिक पुराने हैं और दीवारों में फंगस तथा संरचनात्मक समस्याएं देखी गई थीं। हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों को भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यापक योजना तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया था।
9 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को पहले मिल चुकी है मंजूरी
बीडी पांडे अस्पताल में बुनियादी ढांचे के विकास की योजना नई नहीं है। 2024 में विभिन्न विकास कार्यों के लिए मंजूरी दी गई थी, जिनमें डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल, टाइप-IV आवास, मेडिकल स्टोर और पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल थीं। इसके अलावा कार्डियक केयर यूनिट और नए ओपीडी ब्लॉक के निर्माण की भी योजना बनाई गई थी।
हाईकोर्ट के समक्ष राज्य सरकार की ओर से यह भी बताया गया था कि अस्पताल के विकास और उन्नयन के लिए लगभग 9.1 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। हालांकि, वर्तमान में उपलब्ध जमीन और अस्पताल की पुरानी संरचनाओं को देखते हुए विकास कार्यों की योजना बनाना एक चुनौती बना हुआ है।
BD Pandey Hospital: मरीजों को मिल सकती हैं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
BD Pandey Hospital नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे में अस्पताल के विस्तार और आधुनिकीकरण की योजना का सीधा असर बड़ी संख्या में मरीजों पर पड़ सकता है।
पुरानी इमारतों की मरम्मत, बेहतर ओपीडी व्यवस्था, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। अस्पताल में पहले भी कार्डियक केयर और अन्य चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर योजनाएं बनाई गई हैं।
अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार यहां रोजाना लगभग 400 से 500 मरीज ओपीडी के लिए आते थे। मरीजों, विशेषकर बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल की विभिन्न मंजिलों तक पहुंचने में परेशानी होती थी, जिसके बाद लिफ्ट लगाने का काम भी शुरू किया गया था।
जगह की कमी और एंबुलेंस की आवाजाही बड़ी चुनौती
बीडी पांडे अस्पताल के विकास के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक सीमित जगह है। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार अस्पताल परिसर में अधिकांश भूमि पहले से ही निर्माण कार्यों में उपयोग हो चुकी है। इसके अलावा अस्पताल तक पहुंचने वाला मार्ग भी व्यस्त इलाके से होकर गुजरता है।
अदालत ने विशेष रूप से एंबुलेंस की आवाजाही पर चिंता जताई थी। संकरे प्रवेश और निकास मार्ग के कारण आपातकालीन वाहनों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए केवल भवनों की मरम्मत ही नहीं, बल्कि अस्पताल तक बेहतर पहुंच और आपातकालीन सेवाओं के लिए प्रभावी व्यवस्था भी भविष्य की योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।
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तकनीकी रिपोर्ट के बाद होगा अगला फैसला
हालिया निरीक्षण के दौरान तकनीकी टीम ने अस्पताल की पुरानी इमारत के अलग-अलग हिस्सों का सर्वे किया है। अब स्वास्थ्य विभाग को इस रिपोर्ट के आधार पर तय करना होगा कि किन संरचनाओं की मरम्मत संभव है, किन हिस्सों में बड़े स्तर पर बदलाव की जरूरत है और सुविधाओं का विस्तार किस तरह किया जा सकता है।
अस्पताल प्रशासन को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित ढांचागत समस्याओं के समाधान के लिए अब ठोस कदम उठाए जाएंगे। स्वास्थ्य सचिव के निरीक्षण और उसके बाद तकनीकी टीम की कार्रवाई को अस्पताल के प्रस्तावित फेसलिफ्ट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नैनीताल की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए अहम है परियोजना
नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन और पर्वतीय क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत लगातार बढ़ रही है। स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटन सीजन में बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले लोगों को भी स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में Uttarakhand BD Pandey Hospital का आधुनिकीकरण जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
हालांकि, अस्पताल के विस्तार की अंतिम रूपरेखा तकनीकी रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग के निर्णय के बाद स्पष्ट होगी। मौजूदा घटनाक्रम से इतना जरूर साफ है कि राज्य सरकार अस्पताल की पुरानी इमारतों, पानी के रिसाव और अन्य ढांचागत समस्याओं को लेकर सक्रिय हुई है।
आगे क्या होगा?
तकनीकी टीम की रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अस्पताल के फेसलिफ्ट और विस्तार को लेकर अगला कदम उठाएगा। प्रस्तावित कार्यों में भवनों की स्थिति सुधारने के साथ मरीजों और मेडिकल स्टाफ के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा सकता है।
नैनीताल के लोगों के लिए यह अस्पताल लंबे समय से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र रहा है। ऐसे में Uttarakhand BD Pandey Hospital के नवीनीकरण और विस्तार की योजना अगर समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ती है, तो आने वाले वर्षों में मरीजों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी।





