उत्तराखंड के विकासनगर से सामने आए दिल दहला देने वाले देहरादून गोवंश क्रूरता मामला ने पूरे इलाके में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। धर्मावाला-कुंजा मार्ग पर एक बेजुबान गोवंश को ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे बांधकर बेरहमी से सड़क पर घसीटा गया, जिससे वह लहूलुहान हो गया।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के विकासनगर क्षेत्र से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। धर्मावाला-कुंजा मुख्य मार्ग पर एक बेजुबान गोवंश को ट्रैक्टर-ट्रॉली के पिछले हिस्से से रस्सी के सहारे बांधकर तेज रफ्तार में डामर की सड़क पर घसीटा गया। इस अमानवीय घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष फैल गया है। सड़क पर दूर तक घिसटने के कारण गोवंश के शरीर पर बेहद गहरे घाव हो गए हैं और कई जगहों पर हड्डियां तक दिखाई देने लगी हैं। घटना के बाद आरोपी चालक घायल गोवंश को तड़पता हुआ छोड़कर मौके से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने अब गिरफ्तार कर लिया है।
दर्दनाक मंजर: देहरादून गोवंश क्रूरता मामला की दिल दहला देने वाली वारदात
धर्मावाला से कुंजा जाने वाले मार्ग पर यह अमानवीय कृत्य उस समय अंजाम दिया गया जब आरोपी अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज गति से दौड़ा रहा था। उसने एक असहाय गोवंश को वाहन के पिछले हिस्से से मजबूती से बांध रखा था। गति तेज होने के कारण गोवंश सड़क पर गिर पड़ा और संभल नहीं सका। इसके बावजूद चालक ने वाहन को रोकने या उसकी गति धीमी करने की जरा भी जहमत नहीं उठाई।
डामर की सख्त सड़क पर काफी दूर तक घिसटते रहने के कारण बेजुबान के शरीर की चमड़ी पूरी तरह छिल गई। क्रूरता की सारी सीमाएं पार करने के बाद आरोपी चालक घायल गोवंश को जुडली गांव के पास सड़क किनारे बेसुध हालत में छोड़कर फरार हो गया।
सीसीटीवी फुटेज और देहरादून गोवंश क्रूरता मामला में जनता का रोष
रविवार सुबह जब जुडली गांव के ग्रामीणों ने सड़क किनारे खून से लथपथ और कराहते हुए गोवंश को देखा, तो देखते ही देखते वहां लोगों की भारी भीड़ जुट गई। बेजुबान की ऐसी भयावह हालत देखकर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद हरबर्टपुर पुलिस चौकी प्रभारी मयंक त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने जब घटनास्थल के आसपास मौजूद दुकानों और मकानों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो पूरी सच्चाई सामने आ गई। फुटेज में स्पष्ट दिखाई दिया कि ट्रैक्टर चालक किस बेरहमी से गोवंश को पीछे बांधकर घसीटता हुआ ले जा रहा था। वीडियो के सार्वजनिक होते ही लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
हिंदू संगठनों का प्रदर्शन और घायल गोवंश का उपचार
घटना की जानकारी मिलते ही विभिन्न हिंदू और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में धर्मावाला-कुंजा मार्ग पर एकत्रित हो गए। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर धरना देकर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने तुरंत दो प्रमुख मांगें रखीं:
- बेजुबान गोवंश को तत्काल बेहतर और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों द्वारा इलाज मुहैया कराया जाए।
- इस घिनौने अपराध को अंजाम देने वाले आरोपी को फौरन गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो।
संगठनों के दबाव और स्थानीय लोगों की पहल पर पशु चिकित्सा विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया। डॉक्टरों ने गोवंश के घावों की मरहम-पट्टी की और जरूरी दवाएं देकर उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: देहरादून गोवंश क्रूरता मामला में आरोपी सलाखों के पीछे
बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए विकासनगर कोतवाली पुलिस ने मामले को पूरी गंभीरता से लिया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।
विकासनगर कोतवाल राजीव रौथाण के अनुसार, जुडली निवासी आयुष शर्मा की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आदूवाला (जुडली) निवासी आरोपी राजकुमार को हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही अपराध में इस्तेमाल की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है।
पशु संरक्षण कानूनों का कड़ाई से पालन जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर समाज में बेजुबान जानवरों के प्रति क्रूरता और उनके संरक्षण के कानूनों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय नागरिकों और पशु प्रेमियों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में अदालती कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए और भविष्य में कोई भी व्यक्ति बेजुबान पशुओं के साथ ऐसी बर्बरता करने की हिम्मत न जुटा सके। फिलहाल घायल गोवंश की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी बनाए हुए है।
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