Uttarakhand Rain News आज देवभूमि के पहाड़ी और मैदानी इलाकों से भारी तबाही की तस्वीरें सामने ला रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बीती रात से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। लगातार हो रहे भूस्खलन के चलते ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग, टनकपुर-तवाघाट हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कें और दर्जनों ग्रामीण संपर्क मार्ग बंद हो चुके हैं। कई इलाकों का संपर्क जिला मुख्यालयों के साथ-साथ सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा से भी कट गया है। नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं और कई कस्बों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है।
Uttarakhand Rain News: पिथौरागढ़ में सीमांत क्षेत्रों का संपर्क टूटा, टनकपुर-तवाघाट हाईवे ठप
पिथौरागढ़ जिले में मौसम के बिगड़े मिजाज ने भारी आफत खड़ी कर दी है। रात भर हुई भारी बारिश के बाद टनकपुर-तवाघाट नेशनल हाईवे अस्कोट और जौलजीबी के बीच बगड़ीहाट के पास भारी मलबा आने से पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है।
इस मार्ग के बंद होने से धारचूला, मुनस्यारी, बंगापानी और डीडीहाट तहसीलों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट चुका है। रास्ते में आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं समेत दर्जनों यात्री वाहन फंसे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (BRO) की मशीनरी को मलबा हटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिले भर में लगभग 25 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई है। इसके अलावा मुनस्यारी कस्बे में मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी की भारी किल्लत हो गई है।
Uttarakhand Rain News: ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगा लंबा जाम
चारधाम यात्रा के मुख्य मार्ग ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) पर भी बारिश का व्यापक असर देखने को मिला है। कौड़ियाला और व्यासी के बीच पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरकने से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा।
मलबा गिरने से राजमार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है। लगातार गिरते पत्थरों के कारण राहत और बचाव कार्य में बाधा आ रही है। NH प्रशासन जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की मदद से सड़क को खोलने के प्रयासों में जुटा है, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश काम में अड़चन पैदा कर रही है।
Uttarakhand Rain News: नैनीताल में झील का जलस्तर 87 फीट पार, दर्जनभर सड़कें बंद
सरोवर नगरी नैनीताल और उसके आसपास के पहाड़ी इलाकों में बीती रात से लगातार हो रही बारिश ने खतरे की घंटी बजा दी है। नैनीताल झील का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए 87 फीट के पार पहुंच चुका है, जिसके बाद प्रशासन ने झील के निकासी गेटों की निगरानी बढ़ा दी है।
जिले के ग्रामीण और लिंक मार्गों पर जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जिससे 12 से अधिक आंतरिक मार्ग बंद हो गए हैं। सड़कों पर मलबा और पेड़ गिरने से कई गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालयों से कट गया है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

Uttarakhand Rain News: बागेश्वर में 21 सड़कें बाधित, सरयू और गोमती में गाद से पेयजल संकट
बागेश्वर जिले में मूसलाधार बारिश का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां 21 ग्रामीण मार्ग मलबा आने से बंद हैं, वहीं दूसरी तरफ सरयू और गोमती नदियों के उफान पर आने से जल संकट गहरा गया है।
नदियों के तेज बहाव के साथ भारी मात्रा में सिल्ट (गाद और मिट्टी) बहकर आ रही है, जिससे जल संस्थान के पंपिंग स्टेशनों पर पानी की शुद्धिकरण प्रक्रिया प्रभावित हुई है। नलों में मटमैला पानी आने से लोगों को पीने के साफ पानी के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार बागेश्वर में अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम 21°C दर्ज किया गया है, जबकि आगामी दिनों में भी बारिश से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
प्रशासन की एडवाइजरी और मौसम विभाग की चेतावनी
उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
- यात्रियों के लिए सलाह: पहाड़ों की ओर यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मौसम का ताजा अपडेट देखकर ही निकलने की सलाह दी गई है।
- नदी किनारे रहने वालों को चेतावनी: उफान पर बह रही नदियों और बरसाती गदेरों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
- हेल्पलाइन सक्रिय: आपातकालीन स्थितियों के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्षों के हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं ताकि किसी भी भूस्खलन या जलभराव की स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।







