Ashokdham Mandir Stampede की यह दर्दनाक घटना बिहार के लखीसराय जिले में पवित्र सावन महीने की तीसरी सोमवारी की सुबह सामने आई। मंदिर परिसर के बाहरी मार्ग पर अचानक मची भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौके पर ही दम घुटने और कुचले जाने से मौत हो गई, जबकि 8 से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और सावन उत्सव का उल्लास चीख-पुकार में बदल गया।
Ashokdham Mandir Stampede: कैसे शुरू हुई अचानक अफरातफरी?
यह हादसा अशोकधाम स्टेशन (हॉल्ट) से मंदिर की तरफ आने वाले संपर्क मार्ग पर हुआ। सावन की तीसरी सोमवारी होने के कारण अहले सुबह करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कतारबद्ध थे।
प्राथमिक जांच के मुताबिक, सुबह 6:30 से 6:45 बजे के बीच दो ट्रेनें स्टेशन पर रुकीं, जिससे श्रद्धालुओं का भारी रेला एक साथ मंदिर मार्ग की ओर बढ़ गया। इसी दौरान रास्ते में लगा एक बिजली का पोल तार सहित झुक गया। इसके तुरंत बाद कतार में खड़े लोगों के बीच “तार में करंट प्रवाहित हो गया है” की तेज अफवाह फैल गई। करंट के खौफ से बचने के लिए श्रद्धालुओं ने आगे-पीछे भागना शुरू कर दिया।
बैरिकेडिंग टूटने और करंट की अफवाह से गहराया संकट
भीड़ का भारी दबाव बढ़ने के कारण रास्ते में बांस-बल्ले से बनाई गई अस्थाई बैरिकेडिंग अचानक भरभराकर टूट गई। आगे बढ़ रही कतार के लोग लड़खड़ाकर गिरे और पीछे से आ रहा जनसैलाब उन्हें रौंदता हुआ आगे निकल गया।
- रास्ते पर फिसलन और संकरा मार्ग होने से लोग संभल नहीं सके।
- गिरने वालों में अधिकांश संख्या महिला कांवरियों की रही।
- चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण और अन्य श्रद्धालु बचाव के लिए दौड़े।
Ashokdham Mandir Stampede मृतकों की सूची और पहचान
हादसे की चपेट में आकर जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं में से 4 की पहचान जिला प्रशासन द्वारा कर ली गई है:
- मनमाला देवी (44 वर्ष): पति निरंजन कुमार, वार्ड नंबर 12, इंद टोला, बड़हिया (लखीसराय)
- रिंकू देवी (50 वर्ष): पति नीरज यादव, ग्राम फरदा, थाना सफियासराय (मुंगेर)
- हेमलता देवी (55 वर्ष): पति सुरेंद्र यादव, कैंदी प्रतापपुर, थाना हलसी (लखीसराय)
- ललिता देवी: पति गोरेलाल यादव, प्रतापपुर, थाना हलसी (लखीसराय)
अन्य मृतकों के शवों की शिनाख्त की प्रक्रिया सदर अस्पताल में जारी है।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और राहत कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही लखीसराय के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
- सभी घायलों को तुरंत एंबुलेंस और स्थानीय वाहनों की मदद से लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर करने की तैयारी की गई है।
- मंदिर परिसर और स्टेशन मार्ग पर अतिरिक्त बल तैनात कर भीड़ को नियंत्रित किया गया।
प्राचीन श्री इन्द्रदमनेश्वर महादेव (अशोकधाम) मंदिर का महत्व
लखीसराय का अशोकधाम मंदिर श्री इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से विख्यात है। इस पावन स्थल पर पालकालीन विशालकाय प्राकृतिक शिवलिंग स्थापित है, जिसे जमीन की जुताई व खुदाई के दौरान प्राप्त किया गया था। मान्यता है कि सावन के महीने में यहां जलाभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, जिसके कारण हर साल लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
प्रशासन द्वारा इस दर्दनाक हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि भीड़ प्रबंधन में हुई चूक और अफवाह फैलाने के मूल कारणों की पूरी पड़ताल की जा सके।
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