Uttarakhand Youth Commission: उत्तराखंड में युवाओं से जुड़े मुद्दों और उनकी आकांक्षाओं को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। सरकार की ओर से राज्य में Uttarakhand Youth Commission यानी राज्य युवा आयोग के गठन की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई है। इस आयोग का उद्देश्य युवाओं की समस्याओं को समझना, उनके सुझावों को सरकार तक पहुंचाना और रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास तथा स्वरोजगार से जुड़े विषयों पर प्रभावी तरीके से काम करना होगा।
मुख्यमंत्री धामी लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि उत्तराखंड की युवा शक्ति राज्य के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। हालिया कार्यक्रमों में भी उन्होंने युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और नए अवसर उपलब्ध कराने को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया है।
CM DHAMI: युवाओं के लिए सात बड़ी घोषणाओं का फोकस
मुख्यमंत्री की घोषणाओं में रोजगार और स्वरोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर अवसर मिलें और उन्हें नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े। इसके लिए सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र, स्टार्टअप और उद्यमिता के विकल्पों को भी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
धामी सरकार पहले भी युवाओं के लिए कई योजनाओं और नीतियों की शुरुआत कर चुकी है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजनाएं और नई स्टार्टअप नीति के जरिए युवाओं को आर्थिक और तकनीकी रूप से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वरोजगार के लिए मिलेगा विशेष प्रोत्साहन
Uttarakhand Youth Commission के साथ सरकार का दूसरा बड़ा फोकस स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में स्वरोजगार को पलायन रोकने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर पर्यटन, कृषि, बागवानी, हस्तशिल्प, होमस्टे, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
सरकार पहले से ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और अन्य प्रोत्साहन योजनाओं के जरिए युवाओं को उद्यम शुरू करने के लिए सहायता उपलब्ध करा रही है। नई स्टार्टअप नीति का उद्देश्य भी राज्य में ऐसा माहौल तैयार करना है, जिसमें युवा नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
स्टार्टअप और नई तकनीक पर भी जोर
आज के समय में रोजगार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन कारोबार ने युवाओं के सामने रोजगार के नए विकल्प खोले हैं। मुख्यमंत्री धामी ने भी युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने और नए क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराने की बात कही है।
राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरकार की नई पहल को इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड के युवा अपने विचारों को व्यवसाय में बदल सकें और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करें।
सरकारी नौकरी के साथ रोजगार का विस्तार
उत्तराखंड सरकार की रोजगार नीति में सरकारी नौकरियों के साथ-साथ स्वरोजगार और निजी क्षेत्र को भी महत्व दिया जा रहा है। जून 2026 में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में चयनित 221 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे। उस दौरान उन्होंने कहा था कि सरकार युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
सरकार के अनुसार पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ा गया है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता को लेकर भी सरकार लगातार अपने प्रयासों को रेखांकित करती रही है।
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पलायन रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है युवा आयोग
उत्तराखंड में लंबे समय से पलायन एक बड़ी सामाजिक और आर्थिक चुनौती रहा है। पहाड़ों से युवाओं का रोजगार और शिक्षा के लिए मैदानी क्षेत्रों तथा दूसरे राज्यों की ओर जाना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। ऐसे में Uttarakhand Youth Commission युवाओं की स्थानीय जरूरतों को समझकर नीतियां तैयार करने में उपयोगी भूमिका निभा सकता है।
यदि आयोग युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराता है, तो इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी अवसरों का विस्तार हो सकता है। सरकार का घोषित लक्ष्य भी ऐसा उत्तराखंड तैयार करना है जहां युवाओं को अवसरों के लिए मजबूरी में पलायन न करना पड़े।
स्थानीय संसाधनों से रोजगार पैदा करने की तैयारी
उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन, कृषि और बागवानी की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार एक जनपद-दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, होमस्टे योजना और सौर स्वरोजगार जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
इन योजनाओं को युवाओं से जोड़कर स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग और व्यवसाय विकसित किए जा सकते हैं। इससे न केवल युवाओं को आय का साधन मिलेगा, बल्कि गांवों में उपलब्ध स्थानीय उत्पादों और संसाधनों को भी बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
युवाओं की भागीदारी से बनेगा विकसित उत्तराखंड
मुख्यमंत्री धामी कई मौकों पर युवाओं को विकसित उत्तराखंड के निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति बता चुके हैं। सरकार का जोर केवल सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को उद्यमिता, खेल, तकनीक, स्टार्टअप और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर भी है।
युवा महोत्सव और युवा संवाद जैसे कार्यक्रमों के जरिए सरकार युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रही है। ऐसे मंचों से युवाओं की समस्याएं और उनके सुझाव सामने आते हैं, जिन्हें नीति निर्माण से जोड़ना भविष्य में महत्वपूर्ण हो सकता है।
घोषणा से बढ़ी युवाओं की उम्मीदें
राज्य युवा आयोग के गठन और स्वरोजगार को विशेष प्रोत्साहन देने की घोषणा को उत्तराखंड के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि इन घोषणाओं का वास्तविक प्रभाव आयोग की संरचना, अधिकारों, बजट और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती घोषणाओं को जमीन पर उतारने की होगी। यदि युवाओं को समय पर प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार, तकनीकी मार्गदर्शन और रोजगार के अवसर मिलते हैं, तो उत्तराखंड की युवा आबादी राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकती है।








