प्रयागराज से झांसी जेल में बंद भाई अली से मिलने जा रहे थे युवक; जानवर को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई क्रेटा कार
झांसी/प्रयागराज।
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आई है। बृहस्पतिवार की सुबह झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में प्रयागराज के दिवंगत पूर्व सांसद व माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद (19) समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सूचना के मुताबिक, कार सवार सभी युवक प्रयागराज से झांसी जिला कारागार में बंद अतीक अहमद के बड़े बेटे अली अहमद से मुलाकात करने के लिए आ रहे थे।
हादसा इतना भीषण था कि तेज रफ्तार कार के परखच्चे उड़ गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि सभी घायलों को इलाज के लिए झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां दो की हालत नाजुक बताई जा रही है।
अचानक सड़क पर आया जानवर, बचाने के चक्कर में हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा झांसी जिले के पूछ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खिल्ली गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटित हुआ। प्रयागराज की ओर से आ रही सफेद रंग की हुंडई क्रेटा कार बेहद तेज रफ्तार में झांसी की तरफ बढ़ रही थी।
सुबह के समय जब कार खिल्ली गांव के पास पहुंची, तभी अचानक एक आवारा मवेशी (जानवर) सड़क के बीचों-बीच आ गया। कार चला रहे युवक ने जानवर को बचाने के लिए अचानक ब्रेक लगाए और स्टीयरिंग मोड़ा। अत्यधिक रफ्तार होने के कारण चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित कार सड़क के बीच बने ऊंचे डिवाइडर से बेहद तेज गति से जा टकराई और कई बार पलटते हुए सड़क किनारे जा गिरी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गाड़ी के एयरबैग भी खुले, लेकिन टक्कर का प्रभाव इतना अधिक था कि आगे की सीट पर बैठे आबान अहमद को सिर और छाती में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मृतकों और घायलों की पहचान
घटना के बाद राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और कार में फंसे युवकों को बाहर निकालने की कोशिश की। मौके पर पहुंची पूछ थाना पुलिस और एंबुलेंस की मदद से सभी को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और फिर झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
हादसे का शिकार हुए व्यक्तियों का विवरण:
1. आबान अहमद (मृतक): उम्र 19 वर्ष, निवासी प्रयागराज। (माफिया अतीक अहमद का सबसे छोटा बेटा)।
2. सोनू (मृतक): निवासी प्रयागराज। (अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा)।
3. अहजम (घायल): निवासी बादशाही मंडी, प्रयागराज।
4. मोहम्मद जैद (घायल): निवासी कोतवाली क्षेत्र, प्रयागराज।
5. उमर अहमद (घायल): निवासी पूरा मुफ़्ती, प्रयागराज।
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के अनुसार, घायलों के शरीर में कई जगह फ्रैक्चर और अंदरूनी चोटें आई हैं। दो घायलों की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, जिन्हें आईसीयू (ICU) में विशेषज्ञों की देखरेख में रखा गया है।
जेल में बंद भाई से मिलने का था कार्यक्रम
पारिवारिक और पुलिस सूत्रों के अनुसार, अतीक अहमद का बड़ा बेटा अली अहमद इस समय आपराधिक मुकदमों के सिलसिले में झांसी की जिला जेल में निरुद्ध (बंद) है। सबसे छोटा बेटा आबान अपने कुछ करीबी दोस्तों के साथ प्रयागराज से तड़के ही झांसी के लिए रवाना हुआ था। उनका मकसद जेल मैनुअल के तहत अली से मुलाकात करना था।
लेकिन झांसी सीमा में प्रवेश करने से कुछ ही किलोमीटर पहले यह हादसा हो गया और परिजनों तक मुलाकात की खबर की जगह इस दुखद घटना की सूचना पहुंची। घटना की जानकारी प्रयागराज में परिजनों और परिचितों को मिलते ही कोहराम मच गया।
पुलिस प्रशासन का वक्तव्य और कानूनी प्रक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और अन्य उच्चाधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।
झांसी के एसएसपी (SSP) बीबीजीटीएस मूर्ति ने घटना की पुष्टि करते हुए आधिकारिक बयान में बताया:
”बृहस्पतिवार सुबह पूछ थाना क्षेत्र में हाईवे पर एक क्रेटा कार के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली थी। प्राथमिक जांच और पहचान में मृतक की पहचान आबान अहमद पुत्र अतीक अहमद के रूप में हुई है। हादसे में एक अन्य युवक की भी मौत हुई है, जबकि चार में से तीन घायल युवकों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। प्रथम दृष्टया दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार और अचानक सामने आए मवेशी को बचाने का प्रयास प्रतीत होता है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।”
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हाईवे से हटाकर यातायात को सामान्य कराया है। साथ ही प्रयागराज में परिजनों को हादसे की औपचारिक सूचना दे दी गई है, जिसके बाद परिजन और कानूनी प्रतिनिधि झांसी के लिए रवाना हो चुके हैं।
सुरक्षा और हाईवे पर आवारा पशुओं का मुद्दा फिर गरमाया
इस दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी और तेज रफ्तार के खतरों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि झांसी-कानपुर हाईवे पर खिल्ली गांव के आसपास अक्सर मवेशी आ जाते हैं, जिससे आए दिन तेज रफ्तार गाड़ियां दुर्घटना का शिकार होती हैं।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की विस्तृत तकनीकी जांच कर रही है कि क्या गाड़ी में कोई यांत्रिक खराबी आई थी या केवल नियंत्रण खोने की वजह से यह जानलेवा हादसा हुआ। वहीं दूसरी ओर, प्रयागराज से लेकर झांसी तक इस हादसे की खबर चर्चा का विषय बनी हुई है।









