गुना (मध्य प्रदेश)।
मध्य प्रदेश के गुना जिले में नेशनल हाईवे-46 पर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। मंदिर से दर्शन कर लौट रहे एक युवक-युवती को रास्ते में रोककर 6 बदमाशों ने घने जंगल में बंधक बना लिया। इसके बाद दरिंदों ने लूटपाट करते हुए युवती के साथ बर्बरता और दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़िता के जबरदस्त विरोध और पुलिस गश्त की आहट पाकर आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले में बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश में 6 टीमों को तैनात कर दिया है।
पंचर का झांसा देकर रोका, फिर बाल खींचकर जंगल में घसीटा
मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली 26 वर्षीय पीड़िता इन दिनों मध्य प्रदेश में अपने एक दोस्त से मिलने आई थी। उसका साथी विजयपुर स्थित नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है।
बीती शाम दोनों बाइक से हनुमान टेकरी मंदिर दर्शन करने गए थे। रात करीब 8:00 बजे जब वे वापस लौट रहे थे, तभी रिलायंस पेट्रोल पंप के पास पीछे से आए एक बाइक पर सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोका। बदमाशों ने उनसे कहा कि उनकी बाइक का पहिया पंचर हो गया है। जैसे ही युवक-युवती बाइक रोककर देखने लगे, बदमाशों ने झपट्टा मारकर बाइक की चाबी निकाल ली। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के बाल पकड़े और बलपूर्वक घसीटते हुए उन्हें हाईवे के दूसरी तरफ घने अंधेरे जंगल में ले गए।
साथियों को फोन कर बुलाया, डंडों से पीटा और छीना सामान
जंगल में पहुँचते ही बदमाशों ने फोन करके अपने तीन और साथियों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद छहों बदमाशों ने मिलकर युवक और युवती को डंडों और थप्पड़ों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया।
आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देकर युवती और उसके साथी का मोबाइल, पर्स और बाइक छीन ली। इसके बाद बदमाशों ने पीड़ित युवक के हाथ-पैर बांध दिए और उसे जंगल में थोड़ी दूर ले जाकर अलग बंधक बना लिया ताकि वह विरोध न कर सके।
पीड़िता ने बहादुरी से किया सामना, चीख दबाने के लिए की बर्बरता
युवक को अलग करने के बाद तीन बदमाशों ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती की और उसके कपड़े फाड़ दिए। दरिंदों ने बारी-बारी से घिनौनी करतूत को अंजाम देने की कोशिश की। लेकिन पीड़िता ने हार नहीं मानी और आखिरी सांस तक खुद को बचाने के लिए संघर्ष करती रही। उसने बदमाशों को नोंचा, काटा और लगातार चीखती रही।
पीड़िता के लगातार विरोध और चीख-पुकार से बौखलाए एक आरोपी ने उसकी आवाज दबाने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने पीड़िता के गुप्तांग में लकड़ी घुसाने की कोशिश की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और खून बहने लगा। इसके बावजूद पीड़िता लगातार अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करती रही।
पुलिस की डायल-100 देखकर भागे बदमाश
उसी दौरान जंगल के पास से पुलिस की डायल-100 टीम गश्त करते हुए गुजर रही थी। पुलिस के वाहन की सायरन और रोशनी देखते ही सभी आरोपी घबरा गए। पकड़े जाने के डर से छहों बदमाश पीड़िता को बदहवास और गंभीर हालत में छोड़कर जंगल के घने अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले।
घटना के बाद पुलिस ने तत्काल पीड़िता और उसके साथी को संभाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाया।
पुलिस ने दर्ज की FIR, SIT का गठन
घटना की जानकारी मिलते ही गुना पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) हितिका वासल ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का मुआयना किया।
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(1) (सामूहिक दुष्कर्म) सहित लूट और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
एसपी हितिका वासल ने बताया:
“हाईवे पर गश्त कर रही पुलिस टीम की सतर्कता के कारण आरोपी वारदात को पूरी तरह अंजाम नहीं दे सके और भाग निकले। एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है और पुलिस की 6 अलग-अलग टीमें लगातार जंगलों और आसपास के इलाकों में दबिश दे रही हैं।”
क्षेत्र में आक्रोश, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस वीभत्स घटना के बाद से पूरे इलाके में गहरा जनाक्रोश है। हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हाईवे से सटे जंगलों और सुनसान इलाकों में पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और मासूम युवती के साथ बर्बरता करने वाले सभी 6 आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दी जाए।