नई दिल्ली:
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी और संकटमोचक बल्लेबाजों में शुमार अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। भारतीय टेस्ट टीम के पूर्व उप-कप्तान रहाणे ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए फैंस और क्रिकेट जगत को इस बड़े फैसले की जानकारी दी।
लंबा समय तक भारतीय मध्यक्रम की रीढ़ रहे रहाणे इस घोषणा के दौरान काफी भावुक नजर आए। उन्होंने इस वीडियो संदेश के साथ एक दिल छू लेने वाला कैप्शन भी लिखा, जिसने हर क्रिकेट प्रशंसक को भावुक कर दिया।
’कैप 278 अब विदा ले रहा है’
रहाणे ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में भारतीय टेस्ट कैप नंबर 278 का जिक्र करते हुए लिखा, “कैप 278 अब विदा ले रहा है। इतने सालों तक मुझे मिले बेशुमार प्यार, समर्थन और विश्वास के लिए मैं आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ। भारतीय जर्सी पहनने का अनुभव मेरे लिए हमेशा सर्वोपरि रहेगा और मैं इस यात्रा के लिए जिंदगी भर आभारी रहूँगा।”
रहाणे के इस एलान के साथ ही भारतीय क्रिकेट के उस दौर का एक और शानदार अध्याय समाप्त हो गया, जिसने विदेशी जमीं पर भारत को कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं।
टेस्ट क्रिकेट के असली ‘संकटमोचक’
अजिंक्य रहाणे की पहचान हमेशा एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में रही जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में टीम के लिए खड़े होते थे। खासतौर पर विदेशी पिचों—जैसे ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड—पर उनका बल्ला हमेशा गरजा।
• कुल टेस्ट मैच: 85
• कुल पारियां: 144
• कुल रन: 5077
• औसत: 38.46
• शतक: 12
• अर्धशतक: 26
• सर्वश्रेष्ठ स्कोर: 188 रन
रहाणे के टेस्ट करियर का सबसे यादगार पल 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा रहा, जहाँ नियमित कप्तान विराट कोहली की गैरमौजूदगी में उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी। एडिलेड में 36 रन पर ऑलआउट होने का दंश झेलने के बाद, रहाणे की अगुवाई में भारत ने मेलबर्न में शानदार वापसी की। मेलबर्न टेस्ट में रहाणे का लगाया गया शतक भारतीय टेस्ट इतिहास की सबसे बेहतरीन पारियों में गिना जाता है।
कप्तानी में शत-प्रतिशत का रिकॉर्ड: कभी नहीं हारे टेस्ट श्रृंखला
अजिंक्य रहाणे सिर्फ एक महान बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि एक बेहद चतुर और शांत स्वभाव के कप्तान भी साबित हुए। उनकी कप्तानी की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने जिस भी टेस्ट मैच में भारत का नेतृत्व किया, उसमें टीम इंडिया को कभी हार का मुंह नहीं देखना पड़ा।
• कप्तानी में कुल टेस्ट: 6
• जीत: 4
• ड्रॉ: 2
• हार: 0
उनकी शांत रणनीति, मैदान पर सही बदलाव और खिलाड़ियों को बैक करने के अंदाज ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कार्यवाहक कप्तानों में से एक बना दिया। गाबा में ऑस्ट्रेलिया का घमंड तोड़ने वाली ऐतिहासिक जीत आज भी रहाणे की कप्तानी के सबसे बड़े मील के पत्थर के रूप में याद की जाती है।
वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर पर एक नजर
यद्यपि रहाणे को मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट का उस्ताद माना गया, लेकिन उन्होंने सीमित ओवरों के प्रारूपों में भी भारत के लिए कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। 2015 विश्व कप में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए काफी अहम रहा था।
वनडे करियर (One Day International)
• मैच (पारियां): 90 (87)
• कुल रन: 2962
• औसत: 35.26
• स्ट्राइक रेट: 78.63
• शतक / अर्धशतक: 3 / 24
टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर (T20I)
• मैच: 20
• कुल रन: 375
• स्ट्राइक रेट: 113.29
• सर्वश्रेष्ठ स्कोर: 61 रन
सीमित ओवरों के क्रिकेट में जब भी टीम को ओपनिंग से लेकर मध्यक्रम तक किसी भी स्थान पर स्थिरता की जरूरत हुई, रहाणे ने हमेशा टीम प्रबंधन की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास किया।
स्लिप कैचिंग के ‘सुपरमैन’
बल्लेबाजी और कप्तानी के अलावा अजिंक्य रहाणे की फील्डिंग, विशेषकर स्लिप में उनकी कैचिंग, दुनिया भर में बेमिसाल मानी जाती थी। स्पिनरों के खिलाफ स्लिप और सिली पॉइंट पर उन्होंने कई ऐसे अद्भुत कैच लपके, जिन्होंने मैच का पासा पलट दिया। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 100 से अधिक कैच दर्ज हैं, जो उनकी एकाग्रता और चपलता का प्रमाण है।
क्रिकेट जगत में सम्मान और फैंस की प्रतिक्रियाएं
रहाणे के संन्यास के एलान के तुरंत बाद ही सोशल मीडिया पर पूर्व दिग्गजों, साथी खिलाड़ियों और प्रशंसकों की ओर से शुभकामनाओं का तांता लग गया। सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और रोहित शर्मा समेत कई दिग्गजों ने रहाणे के योगदान को सराहा और उन्हें क्रिकेट का सच्चा ‘जेंटलमैन’ करार दिया।
रहाणे भले ही अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर जर्सी नंबर 278 में नजर न आएं, लेकिन कठिन परिस्थितियों में धैर्य और तकनीक के साथ की गई उनकी पारियां हमेशा भारतीय क्रिकेट इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज रहेंगी।