डीजे पर डांस करने से भड़का प्रेमी: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर की प्रेमिका की हत्या, शव गंगनहर में फेंका; पुलिस ने किया केस का पर्दाफाश

हरिद्वार (उत्तराखंड)। जिले की बहादराबाद थाना पुलिस ने चार दिन पहले दर्ज हुए एक जटिल और अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) के मामले का सफल अनावरण करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में यह खौफनाक वारदात प्रेम प्रसंग, आपसी विवाद, ब्लैकमेलिंग और ईर्ष्या का नतीजा निकलकर सामने आई है।

आरोपी प्रेमी ने युवती की गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसके शव को बहती गंगनहर में फेंक दिया था।
​पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन और उसका आधार कार्ड भी बरामद कर लिया है।

पूछताछ के दौरान यह चौकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि एक पारिवारिक वैवाहिक समारोह में युवती के अन्य लड़कों के साथ डीजे पर डांस करने से आरोपी अत्यधिक नाराज था, जिसके बाद दोनों के रिश्तों में कड़वाहट और अधिक बढ़ गई थी।

​क्या था पूरा मामला: पिता की तहरीर पर दर्ज हुआ केस

​घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीती 24 जुलाई को एक ग्रामीण ने थाना बहादराबाद में उपस्थित होकर एक लिखित शिकायत (तहरीर) सौंपी थी। पीड़ित पिता ने आरोप लगाया था कि उनकी 21 वर्षीय बेटी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है और उन्हें पूरा अंदेशा है कि गांव के ही निवासी नावेद पुत्र रियासत तथा उसके परिवार के सदस्यों ने मिलकर उनकी बेटी की हत्या कर दी है।

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए। एसएसपी के आदेश पर क्षेत्राधिकारी नगर (सीओ सिटी) अभय सिंह एवं सीओ ज्वालापुर संजय चौहान के पर्यवेक्षण में बहादराबाद थानाध्यक्ष अमरजीत सिंह के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।

​पुलिस के लिए चुनौती बनी गुमशुदगी और आरोपी का फरार होना

​मुकदमा दर्ज होते ही मुख्य नामजद आरोपी 28 वर्षीय नावेद अपने घर से फरार हो गया। पुलिस टीम ने जब आरोपी के परिजनों और उसके संभावित करीबियों से पूछताछ की, तो किसी ने भी उसके ठिकाने के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं दी। दूसरी ओर, युवती का भी कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था, जिससे यह मामला पुलिस के लिए एक बेहद चुनौतीपूर्ण ब्लाइंड मर्डर केस बन गया था।

​मामले के समाधान के लिए पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उत्तराखंड और आसपास के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई।

​मंहगलोर के पास से घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचा

​तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर 27 जुलाई को पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी नावेद अपने रिश्तेदारों के यहाँ ग्राम भगवानपुर चंदनपुर (मंगलौर क्षेत्र) में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही विशेष पुलिस टीम ने स्थानीय मंगलौर पुलिस के सहयोग से इलाके की घेराबंदी की।

​जब पुलिस टीम ने स्थानीय निवासियों को संदिग्ध का चित्र दिखाकर पूछताछ की, तो एक व्यक्ति ने गांव के तालाब के पास एक संदिग्ध युवक के खड़े होने की जानकारी दी। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर युवक को घेर लिया।

शुरुआत में पुलिस को देखकर नावेद घबरा गया और गोल-मोल जवाब देने लगा। हालांकि, जब पुलिस ने उससे पहचान पत्र मांगा और कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना नाम नावेद पुत्र रियासत (निवासी ग्राम अलीपुर, थाना बहादराबाद) स्वीकार कर लिया।

​पूछताछ में उगला सच: डीजे डांस से लेकर हत्या तक की पूरी कहानी

​कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी नावेद ने अपना गुनाह कबूल करते हुए हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। उसने बताया कि उसका युवती के साथ पिछले काफी समय से प्रेम संबंध चल रहा था, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच विवाद रहने लगा।

• ​डीजे पर डांस बना विवाद का कारण: आरोपी के अनुसार, एक पारिवारिक शादी के दौरान युवती ने अन्य लड़कों के साथ डीजे पर डांस किया था। नावेद ने उसे ऐसा करने से मना किया, लेकिन युवती ने उसकी बात नहीं मानी। इस बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई।

• ​फंसाने और ब्लैकमेल करने की धमकी: आरोपी ने दावा किया कि इस विवाद के बाद युवती उसे कानूनी मामलों में फंसाने की धमकियां देने लगी। उसने नावेद की मां और बहन के साथ भी गाली-गलौज की और कोर्ट में बयान देने की बात कही। नावेद खुद को लगातार ब्लैकमेल महसूस कर रहा था, जिसके चलते उसने युवती को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

​7 जुलाई को होटल ले गया, 8 जुलाई की सुबह कर दी हत्या

​साजिश के तहत आरोपी 7 जुलाई को युवती को बहला-फुसलाकर कलियर ले गया और वहां एक होटल में ठहरा। अगले दिन यानी 8 जुलाई की तड़के वह युवती को धोखे से एक सुनसान इलाके की ओर ले गया। वहां मौका मिलते ही उसने युवती का गला दबाकर उसकी जीवनलीला समाप्त कर दी।

​हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने की नीयत से उसने शव को गंगनहर में बहा दिया और चुपचाप अपने गांव लौट आया। इसके बाद वह पुलिस से बचने के लिए सामान्य दिनचर्या का नाटक करता रहा।

​मृतका का सामान बरामद, आरोपी भेजा गया जेल


आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम ने मृतका का गायब मोबाइल फोन और उसका आधार कार्ड सकुशल बरामद कर लिया है।


​बहादराबाद थाना प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि अभियुक्त नावेद के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई पूर्ण करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में अग्रिम विवेचना और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया पूरी कर रही है।

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