मेरठ-करनाल हाईवे के पास पहली ही भारी बारिश में खुली गुणवत्ता की पोल; सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जागा प्रशासन, 3 दिनों में मांगा जवाब।
नई दिल्ली/मेरठ: भारत के महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शुमार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्यों में गंभीर लापरवाही और गुणवत्ता से समझौते का एक बड़ा मामला सामने आया है। हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के चलते एक्सप्रेस-वे का एक मुख्य हिस्सा बीच सड़क से अचानक धंस गया।
इस घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए त्वरित और दंडात्मक कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने परियोजना के निरीक्षण और क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने के आरोप में टीम लीडर और ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही, निर्माण की देखरेख करने वाली मुख्य कंसल्टेंसी फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
पहली ही बारिश में धंसी सड़क, बाल-बाल बची यात्रियों की जान
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, यह घटना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे रूट के अंतर्गत आने वाले मेरठ-करनाल हाईवे पर स्थित खेड़ा मस्तान गांव के समीप घटित हुई। क्षेत्र में पिछले दिनों हुई भारी वर्षा के चलते नवनिर्मित एक्सप्रेस-वे की सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे वहां एक गहरा और खतरनाक गड्ढा बन गया।
इसी दौरान वहां से तीव्र गति से गुजर रही एक यात्री कार इस अनपेक्षित गड्ढे की चपेट में आ गई, जिससे वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि कार में सवार यात्री इस हादसे में बाल-बाल बच गए और कोई गंभीर जनहानि नहीं हुई। इस आकस्मिक घटना ने एक्सप्रेस-वे के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री और तकनीकी निगरानी की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जागा प्रशासन
इस पूरी घटना में प्रशासनिक कार्रवाई तब संभव हो सकी जब सोशल मीडिया पर एक सतर्क नागरिक द्वारा वीडियो साझा किया गया। प्रभावित कार चालक ने घटना स्थल से ही क्षतिग्रस्त सड़क और गहरे गड्ढों का लाइव वीडियो रिकॉर्ड कर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट कर दिया था।
इसके साथ ही, उन्होंने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘एक्स’ (नया नाम ट्विटर) के माध्यम से सीधे NHAI के शीर्ष अधिकारियों को टैग करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। वीडियो देखते ही देखते डिजिटल स्पेस में वायरल हो गया, जिसके बाद जनता में आक्रोश फैल गया और विभाग को तुरंत सक्रिय होना पड़ा। आनंद-फानन में एनएचएआई की तकनीकी टीमों को मौके पर भेजकर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए।
NHAI की त्वरित कार्रवाई: दो वरिष्ठ अधिकारी निलंबित
सोशल मीडिया पर वीडियो के व्यापक रूप से प्रसारित होने और मामले के संवेदनशील मोड़ लेने के तुरंत बाद NHAI का प्रशासनिक अमला हरकत में आया। प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया सुपरविजन और निर्माण प्रबंधन के स्तर पर घोर लापरवाही पाई गई।
इसके परिणामस्वरूप, प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाते हुए टीम लीडर का कार्यभार संभाल रहे कुलदीप राजदान और संबंधित निर्माण ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेंद्र पाल सिंह को तत्काल प्रभाव से सेवाओं से निलंबित कर दिया।
अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने मानसून से पूर्व की तैयारियों और जल निकासी की व्यवस्थाओं का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया, जिसके कारण इतनी बड़ी संरचनात्मक विफलता सामने आई।
कंसल्टेंसी कंपनी को कारण बताओ नोटिस, ब्लैकलिस्टिंग की चेतावनी
प्रशासनिक अधिकारियों के निलंबन के अलावा, NHAI ने इस परियोजना की गुणवत्ता नियंत्रण और कंसल्टेंसी का जिम्मा संभाल रही निजी फर्म ‘चैतन्या प्रोजेक्ट्स कंसल्टेंसी (CPC) प्राइवेट लिमिटेड’ को एक सख्त ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी किया है।
इस नोटिस के माध्यम से कंपनी को कड़े लहजे में निर्देशित किया गया है कि वह आगामी तीन दिनों के भीतर इस तकनीकी विफलता और निगरानी में कमी का तार्किक और स्पष्ट जवाब दाखिल करे।
प्राधिकरण के सूत्रों का कहना है कि यदि कंपनी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो वित्तीय दंड लगाने के साथ-साथ कंपनी को भविष्य की परियोजनाओं के लिए ब्लैकलिस्ट करने जैसी कठोरतम कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा:
”दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे परियोजना में सुरक्षा और निर्माण मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़क धंसने के मामले में प्रारंभिक जवाबदेही तय करते हुए टीम लीडर कुलदीप राजदान और प्रोजेक्ट मैनेजर नागेंद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
चैतन्या प्रोजेक्ट्स कंसल्टेंसी को नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसियों पर भी गाज गिर सकती है।”
युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य संपन्न, यातायात पुनः बहाल
जनता की सुरक्षा और एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के सुचारू आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए, NHAI ने बिना समय गंवाए प्रभावित हिस्से पर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू करवाया। इंजीनियरिंग टीम ने आधुनिक मशीनों की सहायता से मात्र कुछ ही घंटों के भीतर सड़क पर बने उस गहरे गड्ढे को पूरी तरह से भरकर कंक्रीट और डामर की नई परत बिछा दी है।
वर्तमान में, एक्सप्रेस-वे के उस हिस्से पर यातायात को पूरी तरह से सुचारू कर दिया गया है और वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से चल रही है। किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए वहां पर विशेष सुरक्षा संकेतक भी लगाए गए हैं।
जल निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान: अस्थाई नाली का निर्माण
तकनीकी विशेषज्ञों की टीम का मानना है कि सड़क धंसने का मुख्य कारण भारी बारिश के पानी का सही तरीके से निकास न होना था, जिससे पानी सड़क के निचले आधार (Sub-base) में समा गया और मिट्टी धंस गई। यद्यपि मुख्य सड़क को दुरुस्त कर दिया गया है, लेकिन पानी की समुचित निकासी के लिए वहां पर पहले से डिजाइन की गई पक्की नाली के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने का काम अभी भी प्रगति पर है।
भविष्य में जलभराव की समस्या को रोकने और मानसून के दौरान किसी भी अन्य अप्रिय घटना से बचने के लिए, एनएचएआई ने तात्कालिक उपाय के रूप में एक वैकल्पिक और अस्थाई नाली का निर्माण पूरा कर लिया है। अधिकारियों का दावा है कि पक्की नाली का जीर्णोद्धार भी अगले दो से तीन दिनों के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे एक्सप्रेस-वे की अधर संरचना को दीर्घकालिक सुरक्षा मिल सकेगी।









