मुख्य बिंदु:
- घटनास्थल: प्रगति विहार, सेलाकुई, देहरादून।
- विवाद की वजह: घर के सामने कूड़ा और गंदा पानी फेंकने का विरोध।
- आरोप: दंपती समेत सात लोगों ने मिलकर लाठी-डंडों से किया जानलेवा हमला।
- पुलिस कार्रवाई: सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज, तफ्तीश जारी।
देहरादून (प्रगति विहार):
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई से पड़ोसियों के बीच विवाद का एक बेहद हैरान करने वाला और खौफनाक मामला सामने आया है। सेलाकुई के प्रगति विहार इलाके में महज घर के बाहर कूड़ा फेंकने और गंदा पानी बहाने का विरोध करने पर एक परिवार को भारी कीमत चुकानी पड़ी। दबंग पड़ोसियों ने न सिर्फ कानून को ताक पर रखा, बल्कि लाठी-डंडों से लैस होकर पीड़ित परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया।
इस खूनी संघर्ष में महिला, उसके पति और बेटे को बेरहमी से पीटा गया है। घटना की शिकायत मिलने के बाद स्थानीय सेलाकुई थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दंपती समेत सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला? (विवाद की जड़)
जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना सेलाकुई के अंतर्गत आने वाले प्रगति विहार क्षेत्र की है। यहाँ रहने वाली राखी (पत्नी कन्हैया लाल) ने पुलिस को दी गई अपनी लिखित तहरीर में बताया कि उनकी पड़ोसन सोनिया पिछले काफी समय से उनके घर के मुख्य दरवाजे और दीवार के पास जानबूझकर कूड़ा-करकट और गंदा पानी फेंकती आ रही थी।
कचरे और गंदगी की वजह से राखी के पूरे परिवार को भारी परेशानी और बदबू का सामना करना पड़ रहा था। राखी का आरोप है कि जब भी उन्होंने या उनके परिवार के किसी सदस्य ने इस गंदगी का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का प्रयास किया, तो आरोपी सोनिया द्वारा उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया गया, गालियां दी गईं और हमेशा विवाद खड़ा करने की कोशिश की गई।
30 जून को हुआ विवाद का खूनी अंत
पीड़िता ने बताया कि बीते 30 जून को भी इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई थी। उस वक्त आरोपी सोनिया, उसकी बेटी, उसकी बहन और कुछ अन्य महिला रिश्तेदार राखी के साथ बदतमीजी कर रही थीं। माहौल को बिगड़ता देख राखी ने तुरंत अपने पति कन्हैयालाल को फोन कर मौके पर बुलाया। कन्हैयालाल ने घटनास्थल पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराने और मामला सुलझाने का प्रयास किया।
तभी अचानक सोनिया का पति दीपक अपने साथ करीब पांच अज्ञात युवकों को लेकर वहां आ धमका। ये सभी युवक लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस थे। मौके पर पहुंचते ही दीपक और उसके साथ आए गुंडों ने बिना कुछ सोचे-समझे कन्हैयालाल और राखी पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
घर में घुसकर मारने का प्रयास, बेटे पर भी हुआ हमला
हमलावरों की क्रूरता यहीं नहीं रुकी। कन्हैयालाल और राखी को लहूलुहान करने के बाद जब उन्होंने देखा कि उनका बेटा आर्यन कुमार घर के मुख्य गेट पर खड़ा है, तो हमलावरों ने उस पर भी जानलेवा वार कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए पीड़ित परिवार बदहवास हालत में घर के अंदर भागने लगा।
हमलावरों ने पीड़ित परिवार का पीछा किया और घर के मुख्य दरवाजे तक पहुंचकर लाठियां बरसाते रहे। वे लगातार चिल्ला रहे थे और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। पीड़िता राखी के मुताबिक, उन्होंने जो भी प्रतिरोध किया, वह केवल अपनी और अपने परिवार की जान बचाने के लिए (आत्मरक्षा में) किया था, उनका उद्देश्य विवाद को बढ़ाना या किसी पर हमला करना बिल्कुल नहीं था।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई दबंगई
यह पूरी वारदात और हमलावरों का तांडव पीड़ित परिवार के मकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ तौर पर रिकॉर्ड हो गया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह लाठी-डंडों से लैस युवक एक परिवार पर टूट पड़ रहे हैं और घर के दरवाजे पर हमला कर रहे हैं। यह डिजिटल सबूत अब पुलिस की तफ्तीश का सबसे बड़ा आधार बन चुका है।
पुलिसिया कार्रवाई: सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पीड़िता राखी की तहरीर के आधार पर सेलाकुई थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनिया, उसके पति दीपक और पांच अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ घर में घुसने का प्रयास, गाली-गलौज, मारपीट, जानलेवा हमला करने और जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा (FIR) पंजीकृत कर लिया है।
थानाध्यक्ष सेलाकुई, लोकपाल परमार का बयान:
“प्रगति विहार में कूड़ा डालने को लेकर दो पक्षों में मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही हैं। कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
पड़ोसियों के बीच बढ़ती असहिष्णुता पर उठे सवाल
देहरादून के रिहायशी इलाकों में इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है। लेकिन महज कूड़े और साफ-सफाई जैसे छोटे से नागरिक मुद्दे पर लाठी-डंडे निकल आना और जान लेने की कोशिश करना, समाज में बढ़ती असहिष्णुता और गुस्से को दर्शाता है।
स्थानीय निवासियों ने भी इस घटना की निंदा की है और पुलिस से मांग की है कि ऐसे उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी कानून को अपने हाथ में लेने की जुर्रत न कर सके। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और फरार युवकों की तलाश जारी है।








