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पौड़ी गढ़वाल में बड़ा हादसा: सतपुली-गुमखाल हाईवे पर कार पर गिरा विशालकाय बोल्डर, दिल्ली जा रहे एक ही परिवार के 5 लोगों को SDRF ने सुरक्षित निकाला

On: July 2, 2026 1:54 PM
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​देहरादून/पौड़ी:

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून और खराब मौसम के चलते नदी-नाले उफान पर हैं, तो वहीं पहाड़ों से भूस्खलन और पत्थर गिरने (बोल्डर फॉलिंग) का सिलसिला भी तेजी से बढ़ गया है। इसी बीच पौड़ी गढ़वाल जिले से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है।

यहाँ सतपुली-गुमखाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा और भयानक हादसा होते-होते टल गया। हाईवे पर अचानक पहाड़ी से गिरे एक विशालकाय बोल्डर की चपेट में आने से एक स्विफ्ट कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, समय रहते राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की मुस्तैदी और किस्मत के सहारे कार में सवार दिल्ली जा रहे एक ही परिवार के पांच सदस्यों और वाहन चालक की जान बाल-बाल बच गई।

​कैसे और कहाँ हुआ यह भयानक हादसा?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार दोपहर की है। पौड़ी गढ़वाल के थलीसैंण क्षेत्र का एक परिवार स्विफ्ट कार में सवार होकर किर्खू पांग गांव से देश की राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। कार जैसे ही सतपुली-गुमखाल हाईवे पर ‘सतपुली मल्ली’ नामक स्थान के पास पहुंची, तभी अचानक ऊपर पहाड़ी से भारी मलबा और छोटे पत्थर सड़क पर आ गिरे।


​मलबे के अचानक सामने आने से कार वहीं फंस गई। चालक विनोद ने सूझबूझ दिखाते हुए कार को मलबे से बाहर निकालने और सुरक्षित पीछे हटाने का प्रयास किया, लेकिन जब तक वह कुछ समझ पाते या गाड़ी को आगे-पीछे कर पाते, तब तक पहाड़ी के ऊपरी हिस्से से एक विशालकाय बोल्डर (भारी पत्थर) सीधे कार के पिछले हिस्से पर आ गिरा। बोल्डर गिरने की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग भी दहल गए। पत्थर के वजन और गति के कारण कार का पिछला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया और वाहन मलबे व पत्थर के बीच लॉक हो गया।

​देवदूत बनकर पहुंची SDRF की टीम

​हादसे की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम को दी गई। सूचना मिलते ही सतपुली में तैनात SDRF (State Disaster Response Force) की टीम बिना एक पल गंवाए घटना स्थल के लिए रवाना हो गई। टीम का नेतृत्व उप निरीक्षक (SI) सबर सिंह नेगी कर रहे थे।

​घटना स्थल पर पहुँचते ही स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जांबाज जवानों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन (बचाव अभियान) शुरू किया। कार के पिछले हिस्से के पूरी तरह दब जाने के कारण अंदर बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मची हुई थी और वे बुरी तरह सहमे हुए थे। SDRF के जवानों ने अत्यधिक मुस्तैदी और तकनीकी कुशलता का परिचय देते हुए कार के दरवाजों को सुरक्षित तरीके से खोला और मलबे के बीच से एक-एक कर सभी छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर मिले इस रेस्क्यू के कारण किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई।

​सुरक्षित बचाए गए यात्रियों का विवरण

​इस दुर्घटना में चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बचे सभी लोग थलीसैंण, पौड़ी गढ़वाल के मूल निवासी हैं और वर्तमान में दिल्ली जा रहे थे। सुरक्षित रेस्क्यू किए गए लोगों की सूची इस प्रकार है:

क्र.सं.
नाम
आयु
विवरण

1.
विनोद

वाहन चालक (सूझबूझ से गाड़ी नियंत्रित की)

2.
संपत्ति देवी
68 वर्ष
बुजुर्ग महिला

3.
दिलबर सिंह
46 वर्ष
परिवार के सदस्य

4.
करिश्मा नेगी
36 वर्ष
महिला यात्री

5.
प्रशांत नेगी
13 वर्ष
बच्चा

6.
ओजस नेगी
8 वर्ष
बच्चा

प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, सभी यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। परिवार के सदस्यों ने अपनी जान बचाने के लिए उत्तराखंड पुलिस और SDRF की टीम का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया।

​रेस्क्यू टीम में शामिल रहे ये जांबाज

​इस बेहद चुनौतीपूर्ण और त्वरित रेस्क्यू अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली SDRF टीम में उप निरीक्षक सबर सिंह नेगी के साथ अन्य जांबाज जवान शामिल रहे, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर हाईवे पर मलबे के बीच रेस्क्यू किया:

  • ​हेड कांस्टेबल: जितेंद्र सिंह
  • ​कांस्टेबल: संदीप पंवार, मनीष उनियाल, अजीत सिंह, कैलाश
  • ​चालक: अरविंद सिंह
  • ​होमगार्ड: सौरभ सिंह
    ​स्थानीय जनता में आक्रोश, प्रशासन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की मांग

​इस हादसे के बाद सतपुली और आसपास के स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में नेशनल हाईवे अथॉरिटी और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ चिंता और आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सतपुली-गुमखाल मार्ग का यह विशेष हिस्सा लंबे समय से डेंजर ज़ोन (खतरनाक क्षेत्र) बना हुआ है। हल्की सी बारिश होते ही यहाँ पहाड़ी से पत्थर गिरने लगते हैं, जिससे हर वक्त किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।


​क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस संवेदनशील और खतरनाक हिस्से पर तुरंत हाफ-कटिंग, क्रैश बैरियर या सुरक्षा जाल (Wire Mesh/Shotcreting) लगाने का काम किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

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​पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करते समय बरतें सावधानी

​उत्तराखंड में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। ‘डून प्राइम न्यूज़’ अपने सभी पाठकों और यात्रियों से अपील करता है कि पहाड़ी रास्तों पर सफर करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। विशेषकर मानसून या बारिश के दौरान:

  1. ​रात के सफर से बचें: पहाड़ों में रात के समय सफर करने से परहेज करें, क्योंकि अंधेरे में ऊपर से गिरते पत्थरों का अंदाजा नहीं मिल पाता।
  2. ​मौसम अपडेट देखें: यात्रा शुरू करने से पहले आपदा प्रबंधन विभाग या मौसम विज्ञान केंद्र के बुलेटिन को जरूर चेक करें।
  3. ​डेंजर ज़ोन में न रुकें: यदि सड़क पर कहीं हल्का मलबा दिखे, तो वाहन को तुरंत सुरक्षित दूरी पर रोक लें और स्थिति सामान्य होने का इंतजार करें।

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