बागेश्वर/देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही आसमानी आफत का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी (Orange Alert) के बाद बागेश्वर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है।
बागेश्वर की जिलाधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष अपूर्वा पांडे ने बुधवार, 1 जुलाई को जनपद के सभी शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। मौसम विभाग और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून की रिपोर्ट को आधार मानते हुए प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है।
सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल रहेंगे बंद
जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, यह पाबंदी जिले के सभी प्रकार के स्कूलों पर समान रूप से लागू होगी। इसके तहत जनपद के भीतर आने वाले सभी:
- शासकीय (सरकारी) विद्यालय
- अर्द्धशासकीय स्कूल
- मान्यता प्राप्त निजी (प्राइवेट) स्कूल (कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक)
- सभी आंगनबाड़ी केंद्र
बुधवार (1 जुलाई) को पूरी तरह से बंद रहेंगे। जिला प्रशासन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्तर से सभी स्कूलों तक इस आदेश को पहुंचाएं और इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी ‘कड़ी कार्रवाई’
अक्सर देखा जाता है कि आपदा प्रबंधन के आदेशों के बावजूद कुछ निजी शिक्षण संस्थान अपने फायदे के लिए नियमों की अनदेखी करते हैं। इसे लेकर जिला प्रशासन ने इस बार बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है।
प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए साफ कहा है कि यदि कोई भी सरकारी या गैर-सरकारी स्कूल इस आदेश की अवहेलना करता हुआ या खुला पाया गया, तो संबंधित स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्य के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम व अन्य सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मौसम विभाग की चेतावनी: नदी-नालों के उफान पर रहने की आशंका
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के भीतर बागेश्वर जिले के कई हिस्सों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश (Torrential Rain) होने की प्रबल आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में तीव्र वेग के साथ होने वाली बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे गधेरे उफान पर आ सकते हैं।
इसके अलावा, संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन (Landslide) और चट्टानें खिसकने का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है। इसी संभावित खतरे को भांपते हुए बच्चों को सुबह के समय स्कूल भेजने वाले माता-पिता की चिंता को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
जिला प्रशासन की जनता से अपील: ‘अनावश्यक यात्राओं से पूरी तरह बचें’
खराब मौसम और भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम जनता, विशेष रूप से ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए एक जरूरी गाइडलाइन जारी की है:
- अनावश्यक सफर न करें: मौसम खराब होने की स्थिति में जब तक बहुत ज्यादा जरूरी न हो, तब तक लंबी या पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से पूरी तरह परहेज करें।
2 नदी-नालों से बना कर रखें दूरी: नदी के तटीय इलाकों, गधेरों और पुराने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों (Landslide Zones) के आसपास न जाएं।
3.सुरक्षित स्थानों पर लें शरण: यदि आप किसी संवेदनशील मकान या कच्चे घर में रह रहे हैं और आसपास पानी का भराव या मिट्टी खिसकने के संकेत मिलें, तो तुरंत नजदीकी सुरक्षित पक्के भवनों या प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में शरण लें।
4.सटीक जानकारी पर भरोसा करें: मौसम को लेकर सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचें और केवल मौसम विभाग या जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन पर ही भरोसा करें।
पहाड़ों में मानसून का समय हमेशा संवेदनशील होता है। हमारी टीम अपने सभी पाठकों और बागेश्वर के निवासियों से अपील करती है कि वे सतर्क रहें। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति या जलभराव/भूस्खलन की सूचना मिलने पर तुरंत स्थानीय पटवारी, पुलिस प्रशासन या जिला आपदा कंट्रोल रूम के टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करें।








