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​कतर के बरजान गैस प्लांट में भीषण विस्फोट: 54 कर्मचारी घायल, 18 लापता; वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप

On: June 22, 2026 4:03 AM
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​दोहा/दुबई:

दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस उत्पादकों में शुमार कतर से एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। कतर के सबसे प्रमुख और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘रस लाफान औद्योगिक क्षेत्र’ (Ras Laffan Industrial City) स्थित बरजान गैस आपूर्ति संयंत्र (Barzan Gas Facility) में रविवार रात एक जोरदार धमाका हुआ। इस भीषण विस्फोट के बाद पूरे प्लांट में आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से कम से कम 54 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वहीं, 18 अन्य कर्मचारी अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।


​सरकारी तेल और गैस कंपनी ‘कतर एनर्जी’ (QatarEnergy) और कतर के गृह मंत्रालय ने इस दर्दनाक हादसे की पुष्टि की है। अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा उस वक्त हुआ जब प्लांट में दोबारा परिचालन (Restart Operations) शुरू करने की प्रक्रिया चल रही थी।

​दोबारा काम शुरू करने के दौरान हुआ हादसा

​स्थानीय सूत्रों और रिपोर्टों के अनुसार, बरजान गैस आपूर्ति संयंत्र में यह विस्फोट उस समय हुआ जब तकनीकी टीमें और कर्मचारी टर्मिनल को फिर से चालू करने का प्रयास कर रहे थे। दरअसल, ईरान की बमबारी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) की नाकेबंदी के कारण पिछले कुछ समय से कतर ने इस प्लांट में उत्पादन अस्थायी रूप से बंद कर दिया था।


​हाल ही में, युद्ध के स्थायी अंत के लिए चल रही शांति वार्ता के बीच जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपनी सख्त नाकेबंदी को थोड़ा ढीला किया, तो कतर ने अपने इस महत्वपूर्ण निर्यात और घरेलू आपूर्ति टर्मिनल को फिर से सक्रिय करने का फैसला किया। लेकिन जैसे ही ऑपरेशन्स रीस्टार्ट किए गए, अचानक एक तकनीकी खराबी के चलते जोरदार विस्फोट हो गया और देखते ही देखते पूरा परिसर आग की लपटों से घिर गया।


​कतर सरकार ने जारी किए आंकड़े: नुकसान का आकलन जारी

​विस्फोट इतना भयानक था कि इसकी गूंज और आसमान में उठती आग की लपटों को घटना स्थल से करीब 20 किलोमीटर दूर दक्षिण में भी देखा और सुना गया। शुरुआती रिपोर्टों में अधिकारियों ने स्थिति को सामान्य बताते हुए कहा था कि केवल कुछ ही लोग मामूली रूप से झुलसे हैं। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता और स्थिति स्पष्ट हुई, कतर के गृह मंत्रालय ने हताहतों की वास्तविक और डराने वाली संख्या जारी की।

  • ​कुल घायल: 54 कर्मचारी (जिन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है)।
  • ​लापता कर्मी: 18 लोग (जिनके मलबे में दबे होने या झुलसने की आशंका है)।
  • ​बचाव दल: ‘कतरी इंटरनेशनल सर्च एंड रेस्क्यू ग्रुप’ और सिविल डिफेंस की टीमें लगातार लापता लोगों को ढूंढने में जुटी हैं।

​कतर एनर्जी ने अपने बयान में कहा है कि आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों (Emergency Response Teams) ने तुरंत मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, इस ब्लास्ट से प्लांट के बुनियादी ढांचे को कितना नुकसान पहुंचा है, इसका सटीक आकलन अभी सामने नहीं आया है।


​वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा सीधा असर?

​इस हादसे के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार और वैश्विक ऊर्जा सेक्टर में उथल-पुथल मचने की आशंका तेज हो गई है। कतर दुनिया का एक शीर्ष लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यातक देश है। हालांकि, बरजान प्लांट मुख्य रूप से कतर की घरेलू गैस आवश्यकताओं, बिजली उत्पादन और मरुस्थलीय इलाकों में पानी को साफ करने वाले ‘डिसेलिनेशन प्लांट्स’ (Water Desalination Plants) को ऊर्जा देने का काम करता है। लेकिन रस लाफान औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह का बड़ा हादसा होने से अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी ट्रेडर्स और बाजार विशेषज्ञों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

​विशेषज्ञों का मानना है: यदि रस लाफान के इस मुख्य परिसर में परिचालन लंबे समय तक बाधित रहता है, तो कतर को अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए उस गैस का इस्तेमाल करना पड़ सकता है जिसे वह निर्यात करने वाला था। इससे वैश्विक स्तर पर गैस की कीमतों में उछाल आ सकता है।

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​तनावपूर्ण माहौल और पुरानी घटनाओं का साया

​यह पहली बार नहीं है जब कतर के इस महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र पर संकट आया है। इस साल मार्च की शुरुआत में भी रस लाफान क्षेत्र को ईरान की ओर से दागे गए ड्रोनों और मिसाइलों द्वारा निशाना बनाया गया था, जिससे यहाँ काफी नुकसान हुआ था। कतर और ईरान फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में एक विशाल अपतटीय (Offshore) प्राकृतिक गैस क्षेत्र साझा करते हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव हमेशा बना रहता है।

​वर्तमान में कतर सरकार और कतर एनर्जी के अधिकारी स्थिति को संभालने और यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि इस तकनीकी दुर्घटना के कारण कोई और सार्वजनिक सुरक्षा या गैस लीक का खतरा पैदा न हो। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस घटनाक्रम और इसके चलते ऊर्जा क्षेत्र में होने वाले बदलावों पर पैनी नजर बनाए हुए है।

​- ब्यूरो रिपोर्ट

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