मुख्य बिंदु:
- घटनास्थल: विजयापुरा जिला, चडचान पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोविंदपुर गांव।
- विवाद: निराले और गोलागी परिवारों के बीच लंबे समय से चल रहा जमीनी विवाद।
- हमले का तरीका: पीड़ितों को पहले गोली मारी गई, फिर कुल्हाड़ी से शवों को क्षत-विक्षत किया गया।
- वर्तमान स्थिति: गांव में तनाव का माहौल, भारी पुलिस बल तैनात, आरोपियों की तलाश जारी।
विजयापुरा (कर्नाटक):
कर्नाटक के विजयापुरा जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली और खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां एक लंबे समय से चले आ रहे जमीनी विवाद ने देखते ही देखते एक वीभत्स नरसंहार का रूप ले लिया। जिले के गोविंदपुर गांव में पुरानी रंजिश के चलते एक ही परिवार के छह लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई है। इस सामूहिक हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और गांव में भारी तनाव को देखते हुए बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पुलिस द्वारा शुक्रवार को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह घटना चडचान पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गोविंदपुर गांव की है। हमलावरों ने जिस क्रूरता के साथ इस वारदात को अंजाम दिया, उसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गोली मारने के बाद कुल्हाड़ी से काटे शव
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस नरसंहार को अंजाम दिया। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात या तड़के सुबह (सटीक समय की जांच जारी है) घात लगाकर बैठे हमलावरों ने पीड़ितों पर हमला बोला।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने सबसे पहले पीड़ितों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। जब वे लहूलुहान होकर गिर पड़े, तो उनकी मौत सुनिश्चित करने और दहशत फैलाने के इरादे से उनके शवों को कुल्हाड़ी से बेरहमी से काट डाला गया। घटनास्थल पर चारों तरफ खून बिखरा हुआ था, जिसे देखकर खुद पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए।
मृतकों की पहचान
इस सामूहिक हत्याकांड में जान गंवाने वाले सभी छह लोग गोविंदपुर गांव के ही निवासी थे और एक ही परिवार व उनसे जुड़े लोग थे। मृतकों के नाम निम्नलिखित हैं:
- चंदू निराले
- दुंदप्पा निराले
- शिवपुत्र निराले
- राहुल निराले
- समर्थ निराले
- शब्बीर नदाफ
निराले बनाम गोलागी परिवार: सालों पुराना जमीनी विवाद
विजयापुरा पुलिस के शुरुआती इन्वेस्टिगेशन में यह बात साफ हो गई है कि इस भीषण नरसंहार के पीछे कोई तात्कालिक कारण नहीं, बल्कि सालों पुराना जमीनी विवाद है। गांव के ‘निराले’ और ‘गोलागी’ परिवारों के बीच जमीन के एक टुकड़े को लेकर लंबे समय से मुकदमा और आपसी रंजिश चल रही थी।
पुलिस को पुख्ता अंदेशा है कि गोलागी परिवार के सदस्यों ने ही इस पूरी साजिश को रचा और अपने साथियों के साथ मिलकर निराले परिवार के पुरुषों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में शब्बीर नदाफ नाम के एक अन्य व्यक्ति की भी जान गई है, जो घटना के वक्त उनके साथ मौजूद था या मध्यस्थता का प्रयास कर रहा था।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, गांव छावनी में तब्दील
एक ही गांव में छह लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या किए जाने के बाद गोविंदपुर और आसपास के गांवों में स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है। पीड़ित परिवार के समर्थकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए हैं।
विजयापुरा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया है। कानून-व्यवस्था न बिगड़े और कोई जवाबी हिंसा न हो, इसके लिए पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस (KSRP) की टुकड़ियों और स्थानीय पुलिस बल को गांव के हर नुक्कड़ पर तैनात किया गया है।
जांच तेज, आरोपियों की तलाश में छापेमारी
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया:
”यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और क्रूर घटना है। हमने मामला दर्ज कर लिया है और गोलागी परिवार के संदिग्धों की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी की आधिकारिक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, क्योंकि घटना के बाद से ही आरोपी परिवार के पुरुष सदस्य फरार हैं। हमारी टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।”
पुलिस ने सभी छह शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, जिसमें कारतूस के खोखे और अन्य हथियार शामिल हैं।
स्थानीय प्रशासन की अपील
घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग खौफ के साए में हैं। पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मामला चलाया जा सकता है।
इस नरसंहार ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जमीन से जुड़े विवादों के हिंसक रूप अख्तियार करने और अवैध हथियारों की उपलब्धता पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। स्थानीय लोग अब पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे हैं।











