देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के खेल जगत और प्रशासनिक हलके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक राज्य स्तरीय जूडो प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आया 12 वर्षीय मासूम खिलाड़ी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। लापता बच्चे की पहचान कार्तिकेय मिश्रा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले का रहने वाला है।
घटना देहरादून के दिल कहे जाने वाले परेड मैदान की है। बच्चे के अचानक गायब होने से प्रतियोगिता स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कोच की मुस्तैदी और लिखित शिकायत के बाद डालनवाला कोतवाली पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर बच्चे की तलाश तेज कर दी है। पुलिस की कई टीमें और स्थानीय खुफिया तंत्र परेड मैदान व उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गया है।
पतंजलि गुरुकुलम से आई थी टीम, रजिस्ट्रेशन के वक्त हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिला अंतर्गत ग्राम गोपाल मिश्रपुर (मजरे कावमपुरा) का रहने वाला 12 वर्षीय कार्तिकेय मिश्रा हरिद्वार के प्रतिष्ठित पतंजलि गुरुकुलम में रहकर जूडो की ट्रेनिंग ले रहा था। देहरादून के परेड मैदान में आयोजित जूडो प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पतंजलि गुरुकुलम की एक टीम देहरादून पहुंची थी। टीम के साथ आए जूडो कोच संजीव कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में पूरी घटना का सिलसिलेवार ब्यौरा दिया है।
कोच संजीव कुमार ने बताया कि वे 23 मई को बच्चों की टीम लेकर हरिद्वार से देहरादून के परेड मैदान पहुंचे थे। सुबह करीब 10:30 बजे सभी खिलाड़ी जूडो कोर्ट के पास बने सिटिंग एरिया में पहुंच चुके थे। प्रतियोगिता की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए संजीव कुमार ने सभी बच्चों को एक सुरक्षित स्थान पर एक साथ बैठाया और उनके जरूरी दस्तावेज (दस्तावेज और पहचान पत्र) एकत्र किए।
कैसे हुआ हादसा?
“सुबह करीब 10:30 बजे मैंने सभी बच्चों को एक जगह बैठाया और फॉर्म भरने लगा। जब मैं कागजात लेकर जज के पास गया और वापस आकर हाजिरी ली, तो कार्तिकेय गायब था।”
— संजीव कुमार (जूडो कोच व शिकायतकर्ता)
फॉर्म जमा कर जब लौटे कोच, तो उड़ गए होश
शिकायतकर्ता कोच संजीव कुमार के मुताबिक, वह सभी बच्चों के फॉर्म भरने और दस्तावेजों को व्यवस्थित करने के बाद प्रतियोगिता के आधिकारिक जजों के पास टेबल पर जमा कराने गए थे। इस प्रक्रिया में उन्हें कुछ ही मिनटों का समय लगा। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद जब वह वापस लौटे और मैच की तैयारियों के लिए सभी बच्चों को नाम पुकार कर बुलाना शुरू किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
उपस्थिति (अटेंडेंस) लेने के दौरान 12 वर्षीय कार्तिकेय मिश्रा अपनी जगह पर मौजूद नहीं था। शुरुआत में कोच और टीम के अन्य सदस्यों को लगा कि बच्चा शायद पानी पीने या शौच के लिए गया होगा। लेकिन जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटा, तो कोच और अन्य स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने तुरंत पूरे परेड मैदान परिसर, स्टेडियम के कमरों, वॉशरूम और बाहर की सड़कों पर कार्तिकेय की तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस महकमे में हड़कंप, डालनवाला कोतवाली में मामला दर्ज
जब काफी खोजबीन के बाद भी मासूम खिलाड़ी का कुछ पता नहीं चला, तो जूडो कोच संजीव कुमार ने बिना वक्त गंवाए स्थानीय डालनवाला कोतवाली पुलिस से संपर्क किया। मामले की संवेदनशीलता और बच्चे की उम्र को देखते हुए डालनवाला पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने कोच की लिखित तहरीर के आधार पर गुमशुदगी/अपहरण की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की कमान खुद डालनवाला कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह कुंवर संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और उसे सकुशल बरामद करने के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं। परेड मैदान जैसे व्यस्त इलाके से एक बच्चे का इस तरह गायब होना पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, संदिग्धों पर नजर
परेड मैदान देहरादून का एक बेहद व्यस्त और खुला क्षेत्र है, जहां रोजाना हजारों की संख्या में लोग आते हैं। ऐसे में पुलिस के लिए सबसे बड़ा सहारा वहां लगे सीसीटीवी कैमरे हैं। प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह कुंवर ने बताया कि परेड मैदान के भीतर, प्रवेश और निकास द्वारों (एंट्री और एग्जिट गेट्स) के साथ-साथ आसपास के मुख्य चौराहों और सड़कों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कार्तिकेय खुद अपनी मर्जी से मैदान से बाहर गया था या फिर उसे किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। पुलिस ने पतंजलि गुरुकुलम प्रशासन और बच्चे के गृह जनपद कौशांबी में उसके परिजनों को भी इस अप्रिय घटना की सूचना दे दी है। बच्चे के माता-पिता और परिजन इस खबर को सुनकर गहरे सदमे में हैं और देहरादून के लिए रवाना हो चुके हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और आयोजकों पर उठे सवाल
इस घटना ने खेल प्रतियोगिताओं में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी के मुख्य मैदान में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता चल रही हो और वहां से एक 12 साल का बच्चा दिन-दिहाड़े गायब हो जाए, यह आयोजन समिति और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।
स्थानीय खेल प्रेमियों और नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे आयोजनों में खिलाड़ियों, विशेषकर नाबालिग बच्चों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम होने चाहिए और हर कोने पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती अनिवार्य होनी चाहिए। फिलहाल, पूरी देहरादून पुलिस और सोशल मीडिया नेटवर्क कार्तिकेय मिश्रा की तस्वीर के सहारे उसकी तलाश में जुटा हुआ है, ताकि इस मासूम खिलाड़ी को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढा जा सके।








