पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक मांगलिक कार्यक्रम की खुशियां पल भर में चीख-पुकार में बदल गईं। जिले के मूनाकोट ब्लॉक के बसौड़ क्षेत्र में देर रात एक कमांडर जीप अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
हादसा इतना भयानक था कि अंधेरी रात में बचाव कार्य चलाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। ग्रामीणों और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद घायलों और मृतक के शव को खाई से बाहर निकाला।
मेहंदी की रात बना काल का ग्रास
मिली जानकारी के अनुसार, विकासखंड मूनाकोट के अंतर्गत बसौड़ गांव में एक परिवार में मेहंदी का कार्यक्रम चल रहा था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चार दोस्त कमांडर जीप (संख्या: UA 05-5382) में सवार होकर जा रहे थे। आधी रात के बाद करीब 1:00 बजे, जब जीप बसौड़ के समीप पहुंची, तो अचानक चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा।
पहाड़ी सड़क पर अनियंत्रित हुई जीप सीधे करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। खाई में गिरते समय जीप के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चारों लोग मलबे और पत्थरों के बीच फंस गए।
आधी रात को ग्रामीणों ने शुरू किया रेस्क्यू
सन्नाटे को चीरती हुई जीप के गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े। टॉर्च की रोशनी में ग्रामीणों ने खाई में उतरकर बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की तत्परता की वजह से तीन घायलों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया और सड़क तक पहुंचाया गया।
हादसे की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) को दी गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ के जवान साजो-सामान के साथ मौके पर पहुंचे। गहरी खाई और रात का घुप्प अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जवानों ने रस्सी और स्ट्रेचर के सहारे नीचे उतरकर शव को बरामद किया और कड़ी मशक्कत के बाद उसे मुख्य मार्ग तक पहुंचाया।
मृतक और घायलों की पहचान
इस दुखद सड़क हादसे में लक्की भंडारी (पुत्र चंचल भंडारी) की मौके पर ही मौत हो गई। लक्की की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया है। वहीं, इस हादसे में तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है:
- जगदीश बिष्ट (पुत्र चंचल बिष्ट), निवासी बसौड़।
- सचिन चंद (पुत्र मोहन चंद्र), निवासी मूनाकोट।
- मोहन बिष्ट (पुत्र रमेश बिष्ट), निवासी बसौड़।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और उन्हें हर संभव चिकित्सा सहायता दी जा रही है।
हादसे के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह दुर्घटना आखिर हुई कैसे। प्रारंभिक तौर पर पहाड़ी रास्तों पर रात के समय विजिबिलिटी कम होना या अचानक किसी तकनीकी खराबी को कारण माना जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर दुर्घटना के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पहाड़ी रास्तों पर बढ़ता खतरों का सफर
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। अक्सर रात के समय पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करना जोखिम भरा होता है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील करता है कि खराब मौसम या रात के अंधेरे में सुरक्षित ड्राइविंग के मानकों का पालन करें। पिथौरागढ़ की इस घटना ने एक बार फिर से सीमांत क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और रात के समय आपातकालीन सुविधाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस घटना के बाद पूरे बसौड़ और मूनाकोट क्षेत्र में शोक की लहर है। जिस घर में मेहंदी के गीत गूंजने थे, वहां अब मातम पसरा हुआ है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है
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मुख्य हाइलाइट्स:
- घटनास्थल: बसौड़, विकासखंड मूनाकोट (पिथौरागढ़)।
- वाहन: कमांडर जीप (UA 05-5382)।
- हादसे का समय: रात लगभग 1:00 बजे।
- नुकसान: 1 की मौत, 3 घायल।
- खाई की गहराई: लगभग 150 मीटर।








