देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता के चलते प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश, ओलावृष्टि और ऊंची चोटियों पर हो रही बर्फबारी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जहां एक ओर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर आकाशीय बिजली और अंधड़ किसानों व पशुपालकों के लिए बड़ी मुसीबत बनकर उभरे हैं।
पश्चिमी विक्षोभ का डबल अटैक
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल (Troposphere) में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके साथ ही हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) विकसित हुआ है। इन दो प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण उत्तराखंड के आसमान में बादलों ने डेरा डाला हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, जिसके लिए विशेष रूप से पांच जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
आकाशीय बिजली बनी काल: चमोली में 400 बकरियों की मौत
मौसम के इस उग्र रूप ने सबसे ज्यादा नुकसान पशुधन और कृषि को पहुँचाया है। चमोली जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ जोरदार गरज के साथ गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 400 से अधिक बकरियों की मौत हो गई है। इस घटना ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रह रहे चरवाहों और पशुपालकों के बीच दहशत पैदा कर दी है। इसके अलावा, राज्य के कई हिस्सों में तेज अंधड़ और ओलावृष्टि के कारण आम, लीची की फसल और खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है।
चारधाम में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश से बढ़ी ठिठुरन
सोमवार को लगातार दूसरे दिन चारधाम—बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—सहित राज्य की अन्य ऊंची चोटियों पर हिमपात का दौर जारी रहा। बर्फबारी के कारण इन क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड लौट आई है। वहीं, राजधानी देहरादून समेत ऋषिकेश, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के इलाकों में रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने सड़कों को जलमग्न कर दिया।
तापमान की बात करें तो पहाड़ों में अधिकतम पारे में 8 डिग्री सेल्सियस और मैदानी क्षेत्रों में 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। देहरादून का अधिकतम तापमान जहां 31.0°C रहा, वहीं मुक्तेश्वर और नई टिहरी जैसे पहाड़ी इलाकों में पारा गिरकर क्रमशः 14.4°C और 18.2°C पर आ गया है।
इन जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए विशेष बुलेटिन जारी करते हुए उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि:
- इन जिलों में 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज अंधड़ चल सकते हैं।
- कहीं-कहीं भारी ओलावृष्टि और तीव्र गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल आशंका है।
- निचले इलाकों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है।
प्रशासन की तैयारी और यात्रियों को सलाह
मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslides) का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए यात्रियों को मौसम की सटीक जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने को कहा गया है।
शहरवार तापमान की स्थिति (डिग्री सेल्सियस में):
शहर
अधिकतम तापमान
न्यूनतम तापमान
देहरादून
31.0
16.8
ऊधमसिंह नगर
30.0
18.0
मुक्तेश्वर
14.4
5.9
नई टिहरी
18.2
8.0
आगे क्या?
मौसम विभाग का कहना है कि एक और नया पश्चिमी विक्षोभ जल्द ही हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसका अर्थ है कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड में भी आने वाले कुछ दिनों तक राहत की उम्मीद कम है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।








