देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए सज-धज कर तैयार है। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर शासन-प्रशासन से लेकर सुरक्षा एजेंसियां तक अलर्ट मोड पर हैं। इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव मां डाट काली मनोकामना सिद्ध पीठ माना जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर समिति ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए रविवार शाम से मंगलवार दोपहर 2 बजे तक आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
सुरक्षा एजेंसियों के निर्देश पर लिया गया कड़ा फैसला
प्रधानमंत्री की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसी को ध्यान में रखते हुए रविवार को मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। महंत रमन प्रसाद गोस्वामी के सुपुत्र शुभम गोस्वामी और संयम गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मंदिर समिति के पदाधिकारियों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
बैठक के बाद समिति के सेवादार दिनेश अग्रवाल (टीटू भाई) और गौरव कुमार ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मंगलवार को देहरादून पहुंच रहे हैं। उनके कार्यक्रम के अनुसार, वे सिद्धपीठ में मां डाट काली के दर्शन करेंगे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। सुरक्षा एजेंसियों के प्रोटोकॉल को देखते हुए रविवार शाम 5 बजे से ही मंदिर की घेराबंदी शुरू कर दी गई है, जो मंगलवार दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगी।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
मंदिर समिति ने इस अस्थायी रोक को लेकर भक्तों से सहयोग की अपील की है। समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि:
- रविवार शाम 5 बजे से मंगलवार दोपहर 2 बजे तक कोई भी आम नागरिक मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
- इस दौरान न तो दर्शन होंगे और न ही किसी प्रकार का हवन या पूजा-पाठ बाहरी व्यक्तियों द्वारा किया जाएगा।
- मंगलवार दोपहर 2 बजे के बाद मंदिर को दोबारा आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
बैठक में आचार्य अनूप ममगाईं, आचार्य विजेंद्र थपलियाल, आचार्य प्रवीण जुयाल, वासु परविंदा, विक्की खत्री और शिवम गोयल जैसे कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने पर चर्चा की।
आस्था का केंद्र: डाट काली मंदिर का महत्व
देहरादून और सहारनपुर की सीमा पर स्थित मां डाट काली मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लाखों लोगों की अटूट आस्था का केंद्र है।
- नए वाहनों की पूजा: ऐसी मान्यता है कि क्षेत्र में खरीदे जाने वाले हर नए वाहन की पहली पूजा यहीं होती है। दून और सहारनपुर से बड़ी संख्या में लोग अपने वाहनों का आशीर्वाद लेने यहाँ आते हैं।
- नित्य भंडारा और हवन: मंदिर में प्रतिदिन विशाल भंडारे का आयोजन होता है। सुबह और शाम की आरती का दृश्य इतना मनमोहक होता है कि भक्तों का तांता लगा रहता है।
- मनोकामना सिद्ध पीठ: भक्त मानते हैं कि यहाँ मांगी गई हर मुराद पूरी होती है, यही कारण है कि भारी बारिश हो या कड़ाके की ठंड, यहाँ श्रद्धालुओं की भीड़ कम नहीं होती।
पीएम के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए देहरादून पुलिस और खुफिया विभाग (LIU) ने मंदिर के आसपास के जंगलों और संवेदनशील इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन की योजना भी बनाई गई है ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो। मंगलवार सुबह से ही मंदिर के आसपास की दुकानें और पार्किंग क्षेत्र खाली करा लिए जाएंगे।
भले ही भक्तों के लिए द्वार बंद रहेंगे, लेकिन मंदिर की परंपरा के अनुसार पुजारी और आचार्य मंदिर के भीतर नित्य आरती और आंतरिक पूजा-अर्चना जारी रखेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल राजनीतिक बल्कि धार्मिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निष्कर्ष
मां डाट काली के भक्तों के लिए यह समय थोड़ा धैर्य रखने का है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे मंगलवार दोपहर 2 बजे के बाद ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि प्रधानमंत्री के प्रस्थान के तुरंत बाद दर्शन प्रक्रिया को सामान्य कर दिया जाएगा।






