हरिद्वार (लक्सर): उत्तराखंड के धर्मनगरी हरिद्वार से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। लक्सर कोतवाली क्षेत्र के भोगपुर गांव में एक मंदिर के भीतर पुजारी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई है। रविवार सुबह जब ग्रामीण मंदिर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मंदिर परिसर के भीतर पुजारी का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, भोगपुर गांव में स्थानीय निवासी संजय सैनी ने एक निजी मंदिर का निर्माण कराया हुआ है। इस मंदिर में गांव के लोग नियमित रूप से पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। करीब तीन महीने पहले, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी (गोधना गांव) के रहने वाले बुजुर्ग राजवीर यहाँ आए थे। वे मंदिर में ही रहकर पूजा-पाठ और साफ-सफाई की सेवा कर रहे थे।
शनिवार की रात तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन रविवार की सुबह जब ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो उन्होंने पुजारी राजवीर का शव क्षत-विक्षत हालत में देखा। बदमाशों ने किसी धारदार हथियार से उन पर जानलेवा हमला किया था, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही लक्सर के क्षेत्राधिकारी (CO) देवेंद्र सिंह नेगी और कोतवाली प्रभारी प्रवीण कोश्यारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने मंदिर परिसर से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश
मंदिर स्वामी संजय सैनी ने बताया कि शनिवार शाम को उनकी पुजारी से मुलाकात हुई थी। उस समय पुजारी बिल्कुल ठीक थे और उन्होंने किसी भी तरह की परेशानी या खतरे का जिक्र नहीं किया था। संजय सैनी के मुताबिक, पुजारी अपने घर वालों से भी नियमित बात करते थे और उनकी किसी से कोई पुरानी रंजिश की जानकारी भी सामने नहीं आई है। मंदिर स्वामी ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या की लिखित तहरीर पुलिस को दी है।
पुलिस की जांच के मुख्य बिंदु
लक्सर सीओ देवेंद्र सिंह नेगी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मृतक के शरीर और सिर पर चोट के गहरे निशान पाए गए हैं। प्रथम दृष्टया यह मामला रंजिश या लूटपाट के विरोध का लग रहा है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शनिवार रात को मंदिर में कौन-कौन लोग आए थे और क्या पुजारी का किसी बाहरी व्यक्ति से कोई विवाद हुआ था।
पुलिस जांच के प्रमुख पहलू:
- सीसीटीवी फुटेज: पुलिस गांव के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि संदिग्धों की पहचान हो सके।
- मोबाइल कॉल डिटेल्स: पुजारी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स (CDR) निकाली जा रही है ताकि आखिरी समय में हुई बातचीत का पता चल सके।
- स्थानीय इनपुट: गांव के उन लोगों से पूछताछ की जा रही है जो अक्सर देर शाम तक मंदिर के आसपास रहते थे।
क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सवाल
इस घटना ने स्थानीय पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर जैसी पवित्र जगह पर एक बुजुर्ग पुजारी की हत्या ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाए।
फिलहाल, पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत के सटीक समय और हथियार के प्रकार का पता चल सकेगा। भोगपुर गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।






