धनबाद, झारखंड: झारखंड के धनबाद जिले में अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ा प्रहार किया है। सोमवार तड़के धनबाद के भागाबांध ओपी क्षेत्र में पुलिस और कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान गिरोह के गुर्गों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में तीन अपराधी दबोचे गए हैं। इस खूनी संघर्ष में दो अपराधियों को पुलिस की गोली लगी है, जबकि एक शूटर भागने के प्रयास में गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका पैर टूट गया है।
तड़के 4:30 बजे गूंजी गोलियां: मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भागाबांध ओपी के पीछे केंदुआडीह बस्ती के जंगलों में प्रिंस खान गिरोह के छह शूटर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से छिपे हुए हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर धनबाद और रांची पुलिस की एक संयुक्त टीम ने घेराबंदी शुरू की।
सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे जैसे ही पुलिस टीम जंगल के करीब पहुँची, अपराधियों ने खुद को घिरा देख पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों की गोलियों से बोर्रागढ़ ओपी की पुलिस गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई (Self Defense) में मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। कुछ देर तक चली इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने तीन अपराधियों को लहूलुहान हालत में गिरफ्तार कर लिया, जबकि गिरोह के तीन अन्य सदस्य अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल के रास्ते भागने में सफल रहे।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान और उनकी भूमिका
पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए अपराधियों की पहचान विकी डोम, अफजल और अमन सिंह उर्फ कुबेर सिंह के रूप में हुई है।
- अमन सिंह उर्फ कुबेर सिंह: पुलिस के अनुसार, अमन सिंह इस गिरोह का डिजिटल चेहरा था। वह प्रिंस खान के धमकी भरे ऑडियो और वीडियो संदेशों को इंटरनेट मीडिया पर वायरल करने का मुख्य आरोपी है।
- शूटरों का इतिहास: पकड़े गए तीनों अपराधी हाल ही में रांची के एक रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग और धनबाद में इकबाल खान के ड्राइवर पर जानलेवा हमले की घटनाओं में सीधे तौर पर शामिल थे।
फिलहाल, गोली लगने से घायल दो अपराधियों और पैर टूटने के कारण घायल तीसरे अपराधी का पुलिस कस्टडी में अस्पताल में इलाज चल रहा है।
भारी मात्रा में हथियार और आपत्तिजनक सामग्री बरामद
मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने घटनास्थल की तलाशी ली, तो वहां से कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गईं। पुलिस को मौके से:
- जिंदा बम और कई कारतूस
- कई मोबाइल फोन (जो रंगदारी और धमकी के लिए इस्तेमाल होते थे)
- अन्य घातक हथियार और साक्ष्य मिले हैं।
साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से जुटाने के लिए रांची से एफएसएल (FSL) और बीडीडीएस (BDDS) की विशेष टीमों को बुलाया गया है। ये टीमें मौके से बैलिस्टिक और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर रही हैं।
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एसएसपी का बयान: गिरोह के सफाए तक जारी रहेगी कार्रवाई
धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार ने इस सफल अभियान की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई रांची और धनबाद पुलिस की संयुक्त टीम के तालमेल का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धनबाद में किसी भी सूरत में गैंगस्टरों को पनपने नहीं दिया जाएगा। फरार तीन अन्य अपराधियों की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
निष्कर्ष: अपराधियों के लिए कड़ा संदेश
प्रिंस खान गिरोह के खिलाफ इस कार्रवाई ने अपराधियों के बीच खौफ पैदा कर दिया है। पिछले कुछ समय से धनबाद और आसपास के इलाकों में रंगदारी और गोलीबारी की बढ़ती घटनाओं के बीच पुलिस की यह बड़ी कामयाबी जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करेगी। पुलिस अब गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ कर गिरोह के भविष्य के नेटवर्क और उनके सहयोगियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।








