पिथौरागढ़ (उत्तराखंड): देवभूमि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से सामने आया है, जहाँ मुनस्यारी जा रही एक पर्यटकों की कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह भीषण दुर्घटना पिथौरागढ़-मुनस्यारी मोटर मार्ग पर बंगापानी क्षेत्र के अंतर्गत उमरगड़ा के पास घटित हुई। शनिवार सुबह करीब 11 बजे, दिल्ली पंजीकरण संख्या DL 3 CC N 3785 वाली एक कार पिथौरागढ़ से मुनस्यारी की ओर जा रही थी।
चश्मदीदों के मुताबिक, उमरगड़ा के तीखे मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद कार सड़क से नीचे सीधे गहरी खाई में जा समाई।
कार के खाई में गिरते ही चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को इसकी सूचना दी। खाई काफी गहरी और ढलान वाली होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रेस्क्यू ऑपरेशन और हताहतों की स्थिति
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस, राजस्व विभाग और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें युद्धस्तर पर मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने रस्सियों के सहारे खाई में उतरकर कार तक पहुंच बनाई।
- मृतक: इस दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों के शवों को बड़ी मशक्कत के बाद खाई से बाहर निकाला गया और सड़क तक लाया गया।
- घायल: कार में सवार दो अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल पाए गए। उन्हें तत्काल एम्बुलेंस के जरिए पिथौरागढ़ जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
शिनाख्त की कोशिशें जारी
पुलिस प्रशासन के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतकों की पहचान करना है। कार दिल्ली नंबर की है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इसमें सवार लोग पर्यटक हो सकते हैं। पुलिस वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल फोन के जरिए परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है। समाचार लिखे जाने तक शिनाख्त की प्रक्रिया जारी थी।
पहाड़ों में ‘खूनी’ साबित हो रही हैं सड़कें
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में पिछले कुछ दिनों से हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। पिथौरागढ़ की इस घटना से ठीक दो दिन पहले, यानी 13 मार्च को बागेश्वर जनपद के कपकोट क्षेत्र में भी ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा हुआ था।
पिछला हादसा: रिखाड़ी-पतियासार के पास एक बोलेरो वाहन करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गया था, जिसमें दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
लगातार हो रहे ये हादसे सड़क सुरक्षा और पहाड़ी मार्गों पर ड्राइविंग की चुनौतियों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
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हादसों के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?
विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में दुर्घटनाओं के पीछे ये मुख्य कारण हो सकते हैं:
- मैदानी ड्राइवरों का अनुभव कम होना: दिल्ली या अन्य मैदानी इलाकों से आने वाले ड्राइवर अक्सर पहाड़ों के तीखे मोड़ और ढलान का सही अंदाजा नहीं लगा पाते।
- तेज रफ्तार और लापरवाही: संकरी सड़कों पर तेज गति से वाहन चलाना जानलेवा साबित होता है।
- मौसम और कोहरा: अचानक छाने वाला कोहरा दृश्यता (Visibility) कम कर देता है।
- सड़क की स्थिति: कई जगहों पर ‘क्रैश बैरियर’ की कमी के कारण वाहन सीधे खाई में चले जाते हैं।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय वाहन चालकों से अपील की है कि वे पहाड़ी मार्गों पर संयम से वाहन चलाएं। विशेष रूप से तीखे मोड़ों पर गति धीमी रखें और ओवरटेकिंग से बचें। पिथौरागढ़ पुलिस ने बताया कि इस मामले की विस्तृत जांच की जा रही है कि दुर्घटना तकनीकी खराबी के कारण हुई या मानवीय भूल के कारण।
निष्कर्ष:
पिथौरागढ़ का यह हादसा एक बार फिर हमें सचेत करता है कि पहाड़ों की यात्रा जितनी खूबसूरत है, उतनी ही जोखिम भरी भी। सुरक्षित ड्राइविंग ही इन हादसों को रोकने का एकमात्र उपाय है।










