अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

मदरसों की आड़ में ‘आतंक की फैक्ट्री’ बर्दाश्त नहीं, देवभूमि में राष्ट्र विरोधियों के लिए कोई जगह नहीं: सीएम धामी

On: March 12, 2026 10:40 AM
Follow Us:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विधानसभा में पोडियम पर खड़े होकर दृढ़ता से भाषण देते हुए, पीछे सरकारी लोगो और अन्य विधायक बैठे हैं।

गैरसैंण: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। सदन में अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि देवभूमि की पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले और शिक्षा की आड़ में देश विरोधी एजेंडा चलाने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार

मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल ने हमेशा अल्पसंख्यकों को केवल एक ‘वोट बैंक’ और अपनी राजनीति के ‘टूलकिट’ के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुस्लिम वोट बैंक के लालच में अन्य अल्पसंख्यक समुदायों जैसे सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी हितों की पूरी तरह अनदेखी की।

सीएम ने कहा, “कांग्रेस चाहती थी कि अल्पसंख्यक समुदाय हमेशा उनके टूलकिट तक सीमित रहे, लेकिन हमारी सरकार चाहती है कि उनके हाथ में टूलकिट नहीं, बल्कि अच्छी किताबें और बेहतर भविष्य हो।”

मदरसा अधिनियम में सुधार: सबको समान अधिकार

वर्ष 2016 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा लाए गए ‘उत्तराखंड मदरसा अधिनियम’ का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने कहा कि उस समय के कानून में केवल एक विशेष वर्ग को ही अल्पसंख्यक माना गया था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस भेदभाव को खत्म किया है। अब नए कानूनों के तहत सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध और जैन समुदायों को भी समान अधिकार और सुरक्षा प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने इसे ‘तुष्टीकरण से न्याय की ओर’ बढ़ता कदम बताया।

“मदरसा शब्द से नहीं, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से है दिक्कत”

अवैध मदरसों पर हो रही कार्रवाई पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया। उन्होंने कहा, “विपक्ष कहता है कि हमें मदरसा शब्द से परेशानी है। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हमें किसी संस्थान से नहीं, बल्कि वहां होने वाली गलत गतिविधियों से दिक्कत है। यदि किसी मदरसे की आड़ में ‘आतंक की फैक्ट्री’ चलाई जाएगी या शिक्षा के नाम पर राष्ट्र विरोधी पाठ पढ़ाया जाएगा, तो वहां निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।”

उन्होंने आगे कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की शांति और सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी तत्व को पनपने नहीं दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें-ईरान का भीषण हमला: सुसाइड बोट से अमेरिकी तेल टैंकर को उड़ाया, एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत, 15 भारतीय सुरक्षित

ऑपरेशन कालनेमि और सख्त भू-कानून का औचित्य

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लागू किए गए सख्त भू-कानून और ‘ऑपरेशन कालनेमि’ पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से बाहरी लोग उद्योग, अस्पताल या संस्थान बनाने के नाम पर उत्तराखंड की कीमती जमीनें खरीद रहे थे, लेकिन उनका वास्तविक उद्देश्य कुछ और ही था।

सीएम ने ‘जिहादी तत्वों’ को चेतावनी देते हुए कहा, “जो लोग छद्म वेश धारण कर, नाम बदलकर और अपनी पहचान छिपाकर सनातन धर्म की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को ठगने का काम कर रहे हैं, उनके लिए हमने ‘ऑपरेशन कालनेमि’ चलाया है। ऐसे कालनेमियों और घुसपैठियों को पहचान कर वापस वहीं भेजा जाएगा, जहां से वे आए हैं।”

विकल्प रहित संकल्प: आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लक्ष्य

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में चल रही 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य ‘इकोनॉमी’ (अर्थव्यवस्था) और ‘इकोलॉजी’ (पर्यावरण) के बीच संतुलन बनाकर उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाना है।

सरकार के मुख्य संकल्प:

  • उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक और पर्यटन राजधानी बनाना।
  • मातृशक्ति का सशक्तिकरण और अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाना।
  • देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और ‘सनातन’ परंपराओं की रक्षा करना।

मुख्यमंत्री के इस आक्रामक और स्पष्ट संबोधन ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में उत्तराखंड सरकार अवैध अतिक्रमण, धर्मांतरण और सुरक्षा के मुद्दों पर अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को और अधिक मजबूती से लागू करेगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

A car trapped in a large road cave-in on the Delhi-Dehradun Expressway with NHAI officials and repair machinery at the scene.

​दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे निर्माण में बड़ी लापरवाही: सड़क धंसने पर NHAI का कड़ा रुख, प्रोजेक्ट मैनेजर समेत दो अधिकारी निलंबित, निर्माण कंपनी को नोटिस

CCTV footage and collage of a violent clash over a garbage dispute between neighbors in Pragati Vihar, Selakui, Dehradun.

​देहरादून में ‘कूड़े पर कलेश’: घर के बाहर कचरा फेंकने का विरोध करने पर दबंगों का तांडव, पूरे परिवार को लाठी-डंडों से पीटा

Heavy monsoon rain and landslide alert on Uttarakhand mountain highway with overflowing rive

​Uttarakhand Weather Alert: उत्तराखंड के दो जिलों में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’, देहरादून समेत 6 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी; नदी-नालों से दूर रहने की सख्त सलाह

पौड़ी गढ़वाल में बड़ा हादसा: सतपुली-गुमखाल हाईवे पर कार पर गिरा विशालकाय बोल्डर, दिल्ली जा रहे एक ही परिवार के 5 लोगों को SDRF ने सुरक्षित निकाला

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच बढ़ी कनेक्टिविटी: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से देहरादून के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू, दैनिक उड़ान से सफर हुआ आसान

VBG Ram-G Yojana: Rural workers in Uttarakhand under VBG Ram-G Yojana after implementation of increased daily wages from July 1.

उत्तराखंड में लागू हुई VBG Ram-G Yojana, बढ़ी ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी, अब मिलेगा ₹300 से अधिक दैनिक भुगतान

Leave a Comment