नई दिल्ली | 7 मार्च, 2026
देश की आम जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज यानी 7 मार्च से रसोई गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का फैसला किया है। लंबे समय की स्थिरता के बाद, घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 115 रुपये का इजाफा किया गया है। यह नई दरें आज सुबह से ही पूरे देश में प्रभावी हो गई हैं।
रसोई का बिगड़ा बजट: घरेलू सिलेंडर 60 रुपये महंगा
घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में हुआ यह बदलाव सीधे तौर पर मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों की जेब पर असर डालेगा। सूत्रों के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली में अब 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है।
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 के बाद से घरेलू एलपीजी की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया था, लेकिन इस अचानक हुई वृद्धि ने उपभोक्ताओं को चौंका दिया है। जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों के दबाव के कारण कंपनियों को यह कदम उठाना पड़ा है।
कमर्शियल सिलेंडर पर 115 रुपये की मार
केवल घरेलू उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि छोटे व्यापारी और होटल-रेस्टोरेंट मालिक भी इस महंगाई की तपिश महसूस करेंगे। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की तगड़ी बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में अब कमर्शियल सिलेंडर 1883 रुपये का मिलेगा, जो कल तक 1768.50 रुपये का था।
व्यावसायिक सिलेंडर महंगा होने का सीधा मतलब है कि अब बाहर खाना-पीना भी महंगा हो सकता है। रेस्टोरेंट संचालक इस बढ़े हुए बोझ को ग्राहकों पर डालने के लिए मजबूर हो सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में थाली की कीमतों में वृद्धि संभव है।
प्रमुख महानगरों में घरेलू (14.2 KG) सिलेंडर के नए दाम
| शहर | पुरानी कीमत (₹) | नई कीमत (₹) | कुल वृद्धि (₹) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 853.00 | 913.00 | 60.00 |
| मुंबई | 852.50 | 912.50 | 60.00 |
| चेन्नई | 868.50 | 928.50 | 60.00 |
| कोलकाता | 879.00 | 939.00 | 60.00 |
| प्रमुख महानगरों में कमर्शियल (19 KG) सिलेंडर के नए दाम | |||
| शहर | पुरानी कीमत (₹) | नई कीमत (₹) | कुल वृद्धि (₹) |
| — | — | — | — |
| दिल्ली | 1768.50 | 1883.00 | 115.00 |
| मुंबई | 1720.50 | 1835.00 | 115.00 |
| कोलकाता | 1875.50 | 1990.00 | 115.00 |
| चेन्नई | 1929.00 | 2043.50 | 115.00 |
क्या है बढ़ती कीमतों के पीछे की वजह?
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, एलपीजी की कीमतों का निर्धारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ‘इंपोर्ट पैरिटी प्राइस’ (IPP) के आधार पर होता है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं के कारण घरेलू तेल कंपनियां लागत की भरपाई करने के लिए समय-समय पर कीमतों में संशोधन करती हैं।
चूंकि अप्रैल 2025 से अब तक कीमतें स्थिर बनी हुई थीं, इसलिए इस बार का सुधार काफी बड़ा महसूस हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आई, तो भविष्य में भी इसी तरह के और संशोधन देखने को मिल सकते हैं।
आम जनता और व्यापारियों की प्रतिक्रिया
इस मूल्य वृद्धि पर आम नागरिकों में खासा असंतोष देखा जा रहा है। दिल्ली की एक गृहिणी ने कहा, “सब्जियों और दालों के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं, अब रसोई गैस के दाम बढ़ने से महीने का पूरा बजट गड़बड़ा जाएगा।”
वहीं, रेस्टोरेंट एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपये की वृद्धि बहुत ज्यादा है। इससे होटल और कैंटीन चलाने वालों की लागत बढ़ जाएगी, जिसका असर अंततः ग्राहकों की जेब पर ही पड़ेगा।
निष्कर्ष
7 मार्च 2026 से लागू हुई ये नई दरें देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की क्रय शक्ति के लिए एक चुनौती साबित हो सकती हैं। जहाँ एक ओर सरकार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर ईंधन की बढ़ती कीमतें महंगाई के मोर्चे पर चिंताएं बढ़ा रही हैं। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में क्या सरकार इन कीमतों को नियंत्रित करने के लिए टैक्स या सब्सिडी में कोई बदलाव करती है या नहीं।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध डेटा और सूत्रों पर आधारित है। कृपया अपने नजदीकी वितरक से वर्तमान दरों की पुष्टि अवश्य करें।








