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दिल्ली में होली पर नहीं होगा ‘ड्राय डे’: शराब की दुकानें खुली रखने का फैसला, जानें एनसीआर का हाल

On: March 3, 2026 12:35 PM
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दिल्ली में होली के दिन खुली शराब की दुकान के बाहर लगी भीड़ और सरकार का नया आदेश।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शराब प्रेमियों और व्यापारियों के लिए इस साल की होली कुछ खास होने वाली है। दिल्ली सरकार ने आबकारी नीति के तहत एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव करते हुए होली के दिन को ‘ड्राय डे’ (Dry Day) की सूची से बाहर कर दिया है। सरकार द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार, आगामी 4 मार्च 2026 को होली के पावन अवसर पर दिल्ली की सभी लाइसेंसी शराब की दुकानें सामान्य दिनों की तरह खुली रहेंगी।
दिल्ली सरकार का यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आमतौर पर होली जैसे बड़े त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था और हुड़दंग को रोकने के लिए शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहता आया है। लेकिन इस वर्ष के नए कैलेंडर में सरकार ने ड्राई-डे की सूची को अपडेट किया है, जिसमें से होली का नाम हटा दिया गया है। आबकारी विभाग के इस आदेश के बाद अब दिल्ली के सभी पब, बार और ठेके 4 मार्च को अपनी सेवाएं दे सकेंगे।
राजस्व और मांग को देखते हुए लिया गया फैसला
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार का यह कदम अवैध शराब की तस्करी को रोकने और राजस्व के नुकसान को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया हो सकता है। अक्सर देखा गया है कि ड्राई-डे के दौरान लोग पड़ोसी राज्यों से अवैध तरीके से शराब लाकर भंडारण करते हैं या फिर ‘ब्लैक’ में शराब बेची जाती है। दुकानों को खुला रखने से जहां सरकार के खजाने में एक्साइज ड्यूटी के रूप में मोटा फंड आएगा, वहीं लोगों को भी अपनी पसंद की ब्रांडेड शराब आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि दुकानों पर भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बिठाया जाएगा।
एनसीआर के शहरों में रहेगा सन्नाटा: अलग-अलग नियम
दिल्ली के इस फैसले ने एनसीआर (NCR) के अन्य शहरों, जैसे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच एक बड़ा अंतर पैदा कर दिया है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा के शहरों में फिलहाल ड्राई-डे के नियमों में कोई ढील नहीं दी गई है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्रशासन ने पहले ही कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं कि होली के दिन शराब की सभी दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के नियमों के अनुसार, धार्मिक और राष्ट्रीय महत्व के त्योहारों पर शराबबंदी अनिवार्य है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।
गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी प्रशासन ने शराब की दुकानों को बंद रखने के संकेत दिए हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि 4 मार्च को नोएडा और गुरुग्राम के लोग बड़ी संख्या में दिल्ली का रुख कर सकते हैं, जिससे दिल्ली की शराब दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिल सकती है। सीमावर्ती इलाकों में शराब की तस्करी रोकने के लिए एनसीआर पुलिस ने चेक-पोस्ट और गश्त बढ़ाने की योजना बनाई है।
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की चुनौती
होली पर शराब की दुकानें खुली रखने के फैसले ने दिल्ली पुलिस की चिंताएं थोड़ी बढ़ा दी हैं। होली का त्योहार अपनी मस्ती और हुड़दंग के लिए जाना जाता है। शराब के नशे में सड़क हादसों और आपसी झगड़ों की आशंका बढ़ जाती है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस प्रशासन ने सरकार के इस फैसले के बाद संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात करने का निर्णय लिया है। ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ (Drink and Drive) को रोकने के लिए जगह-जगह ब्रेथ एनालाइजर के साथ चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, शराब की दुकानों के बाहर सीसीटीवी और निजी सुरक्षा गार्डों की तैनाती के निर्देश भी दिए जा सकते हैं ताकि शांति व्यवस्था भंग न हो।
व्यापारियों और जनता की प्रतिक्रिया
दिल्ली के शराब व्यापारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि होली के दौरान मांग चरम पर होती है और ड्राई-डे होने के कारण सारा व्यापार अवैध स्रोतों या पड़ोसी राज्यों की ओर चला जाता था। इस फैसले से वैध कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, दूसरी ओर सामाजिक संगठनों और कुछ विपक्षी दलों ने इस कदम की आलोचना की है। उनका तर्क है कि त्योहार के दिन शराब की उपलब्धता बढ़ने से महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक शांति पर असर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, इस वर्ष दिल्ली की होली रंगीन होने के साथ-साथ ‘वेट’ (Wet) भी रहने वाली है। जहां एक तरफ सरकार राजस्व और जन-सुविधा को प्राथमिकता दे रही है, वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी राज्यों की पाबंदियां दिल्ली की सीमाओं पर दबाव बढ़ा सकती हैं। अब देखना यह होगा कि 4 मार्च को दिल्ली प्रशासन इस बड़े फैसले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को कितनी मुस्तैदी से संभाल पाता है।

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