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रुडकी में दोस्ती का कत्ल: मोबाइल फोन बना वजह, नशे में दोस्त ने ली दोस्त की जान

On: February 3, 2026 8:16 AM
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कंकरखाता गांव निवासी महिला माला देवी ने 30 जनवरी को अपने बेटे सन्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि 27 जनवरी को सन्नी घर से निकला था, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला कि घटना वाले दिन सन्नी कुछ युवकों के साथ सुल्तानपुर क्षेत्र गया था।
जांच आगे बढ़ी तो जो सच सामने आया, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया। शराब के नशे में जरा सी कहासुनी ने गहरी दोस्ती को खूनी अंजाम तक पहुंचा दिया। जिस दोस्त की मदद से आरोपी ने मोबाइल फोन खरीदा था, उसी दोस्त का गला दबाकर उसने बेरहमी से हत्या कर दी।
मोबाइल और शराब बना विवाद की जड़
पुलिस के अनुसार कंकरखाता गांव निवासी सन्नी और रोहित उर्फ बालू हमउम्र थे और दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। दोनों साथ में मजदूरी और छोटे-मोटे काम करते थे। रोहित को नया मोबाइल फोन खरीदना था। दोस्ती के नाते सन्नी ने न सिर्फ अपने नाम पर किस्तों में मोबाइल दिलवाया, बल्कि डाउन पेमेंट के लिए भी पैसे दिए और अपना पहचान पत्र तक इस्तेमाल करने दिया।
27 जनवरी को सन्नी, रोहित और एक अन्य युवक सुल्तानपुर गए, जहां सन्नी की मदद से रोहित ने मोबाइल फोन खरीदा। इसके बाद तीनों ने अन्य युवकों के साथ बैठकर शराब पी। कुछ समय बाद सन्नी और रोहित कुन्हारी स्थित दुकान पर और शराब खरीदने पहुंचे। यहीं नशे की हालत में मोबाइल फोन को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि रोहित ने सन्नी का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद भी निभाता रहा झूठी सहानुभूति
हत्या करने के बाद आरोपी ने सन्नी के शव को कुन्हारी गांव के पास गन्ने के खेत में छिपा दिया और फरार हो गया। हैरानी की बात यह रही कि इसके बाद भी वह सन्नी की तलाश में उसके परिजनों और ग्रामीणों के साथ शामिल होता रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि उसका यह छल ज्यादा दिनों तक नहीं चल सका।
पूछताछ में टूटा आरोपी, शव बरामद
संदेह के आधार पर पुलिस ने सन्नी के साथ रहने वाले युवकों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान रोहित उर्फ बालू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कुन्हारी गांव के पास गन्ने के खेत से सन्नी का शव बरामद किया। गुमशुदगी के मामले को हत्या की धाराओं में तरमीम कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इंस्पेक्टर राजीव रौथाण ने बताया कि आरोपी ने स्वीकार किया है कि शराब के नशे में मोबाइल और पैसों को लेकर हुई बहस के बाद उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि यह मामला दोस्ती, भरोसे और नशे की खतरनाक परिणति का उदाहरण है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह कोई पहला मामला नहीं है जब शराब के नशे में दोस्तों के बीच हुआ विवाद जानलेवा साबित हुआ हो।मामला 1: 16 अक्तूबर को कोतवाली क्षेत्र के टांडा महतौली गांव में युवक का शव तालाब से बरामद हुआ था। आरोप है कि शराब पीने के दौरान कहासुनी में साथियों ने उसकी हत्या कर दी।मामला 2: 9 अगस्त को भिक्कमपुर गांव में राजेश की डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी आरोपी उसका साथी ही निकला।मामला 3: वर्ष 2024 में तीन रुड़की तिराहे पर सेठपुर गांव निवासी मनीष पर शराब के दौरान विवाद में गोली चलाई गई थी। एक साल बाद 15 नवंबर को बालावाली तिराहे पर दोबारा उसे गोलियों से भून दिया गया।
इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नशे और गुस्से में लिया गया एक फैसला किस तरह रिश्तों और जिंदगियों को तबाह कर देता है।

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