उत्तराखंड सरकार पैरा खिलाड़ियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एक अहम कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पद्मश्री से सम्मानित पैरा एथलीट दीपा मलिक के प्रस्ताव पर राज्य में पैरा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस पहल का उद्देश्य पैरा खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं और एक समर्पित मंच उपलब्ध कराना है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
प्रदेश में पैरा खिलाड़ियों को नई पहचान दिलाने की दिशा में यह पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री आवास में शुक्रवार को हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपा मलिक से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित करते हुए पैरा स्पोर्ट्स के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि दीपा मलिक का संघर्ष, आत्मविश्वास और उपलब्धियां न केवल पैरा खिलाड़ियों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और पैरा एथलीटों को भी समान अवसर और संसाधन मिलना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए निदेशक खेल को निर्देशित किया गया है कि पैरा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर एक ठोस और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए।
दीपा मलिक ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में पैरा खिलाड़ियों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन उन्हें अभी बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेषज्ञ कोचिंग की आवश्यकता है। यदि राज्य में एक समर्पित पैरा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित होती है, तो यहां के खिलाड़ी व्यवस्थित और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के माध्यम से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
इस अवसर पर पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के महासचिव जयवंत हम्मुनावा, इंडिया पैरा पावरलिफ्टिंग के चेयरपर्सन जेपी सिंह, पैरा लिफ्टिंग के उपाध्यक्ष शुभम चौधरी, कोर यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जेसी जैन, पैरालंपिक पावरलिफ्टर परमजीत कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।








