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हरिद्वार कुंभ: गंगा घाटों और धार्मिक स्थलों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग

On: January 5, 2026 10:27 AM
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हरिद्वार में होने वाले आगामी कुंभ मेला को लेकर गंगा सभा ने सभी गंगा घाटों और धार्मिक स्थलों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग उठाई है। गंगा सभा का कहना है कि यह कदम न केवल कुंभ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए जरूरी है, बल्कि सुरक्षा दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि कुंभ क्षेत्र को हिंदू स्थल घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अंग्रेजों के समय नगर पालिका हरिद्वार में गैर हिंदुओं के ठहरने और व्यापार करने पर रोक थी। उनका कहना है कि इस ऐतिहासिक परंपरा का पालन करते हुए आगामी कुंभ से पहले सभी गंगा घाटों और धार्मिक स्थलों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2027 में होने वाले कुंभ में वर्ष 2021 में कोरोना के कारण स्नान न कर पाए श्रद्धालु भाग ले सकेंगे, जिससे सनातन धर्म को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय व्यापार में भी वृद्धि होगी। नगर पालिका बायलॉज के अनुसार, हरिद्वार नगर पालिका क्षेत्र को गैर हिंदू और मद्य-मांस निषेध क्षेत्र घोषित किया गया है। गंगा सभा का कहना है कि सरकार को बायलॉज का पालन सुनिश्चित करना चाहिए ताकि तीर्थ की मर्यादा बनी रहे।
संतों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
गंगा सभा की इस मांग पर संतों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ आई हैं। कुछ संतों ने इसका समर्थन किया, जबकि कुछ ने इसे मेला क्षेत्र की व्यावहारिकता को देखते हुए अव्यवहारिक बताया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि मेला क्षेत्र को गैर हिंदुओं के लिए प्रतिबंधित करना व्यावहारिक नहीं होगा।
वहीं, कुछ संतों ने इसे जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि जैसे वेटिकन सिटी में गैर ईसाई नहीं रह सकते, वैसे ही हरिद्वार देश की आध्यात्मिक राजधानी है, इसलिए यहां भी ऐसा प्रावधान होना चाहिए। महामंडलेश्वर ज्योतिर्मयनंद ने कहा कि सनातन धर्म वैश्विक कुटुंब की भावना रखता है, लेकिन जब धर्म को अपवित्र करने की कोशिश होती है, तो इस तरह की मांग उचित लगती है।

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