मेरठ में टेलीग्राम के जरिए बच्चियों के अश्लील वीडियो की खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और तमिलनाडु की पुलिस हरकत में आ गई है। आरोप है कि मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र निवासी अमित जैन टेलीग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर बच्चियों के अश्लील वीडियो बेच रहा था। पुलिस को उसके नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं, जिसके बाद तीन राज्यों की पुलिस संयुक्त रूप से उसकी तलाश में जुट गई है।
टेलीग्राम चैनल पर थंबनेल डालकर लगाई जाती थी बोली
जानकारी के मुताबिक आरोपी टेलीग्राम चैनल पर बच्चियों के अश्लील वीडियो के थंबनेल अपलोड करता था। इसके बाद वीडियो की कीमत तय कर बोली के जरिए सौदा किया जाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इन वीडियो को “ओरिजनल कंटेंट” बताकर लाखों रुपये में बेचने का दावा करता था। मामले का खुलासा होते ही आरोपी का टेलीग्राम चैनल सस्पेंड करा दिया गया है।
उत्तराखंड पुलिस से मिले इनपुट के बाद खुला मामला
सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि 7 सितंबर 2025 को उत्तराखंड पुलिस से साइबर पोर्टल के माध्यम से इनपुट मिला था। देहरादून पुलिस को एक लिंक के जरिए बच्चियों के अश्लील वीडियो की जानकारी मिली थी, जिसमें मेरठ के बागपत गेट निवासी अमित जैन का नाम सामने आया। इसके बाद ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जांच में सामने आया कि अमित जैन ने टेलीग्राम पर “लुसिफर” नाम की आईडी बना रखी थी। इसी अकाउंट के जरिए बच्चियों के अश्लील वीडियो के थंबनेल शेयर किए जाते थे और ग्राहकों से सौदेबाजी की जाती थी। पुलिस को इस अकाउंट से जुड़े कई आपत्तिजनक साक्ष्य भी हाथ लगे हैं।
मोबाइल बंद कर फरार हुआ आरोपी
पुलिस के अनुसार, मामले के उजागर होने के बाद से आरोपी अमित जैन ने अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिया है। पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस करने और घर का पता खंगालने में जुटी है। साइबर टीम की मदद से आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स की भी जांच की जा रही है।
तमिलनाडु में भी बेचे गए थे वीडियो, खाता किया गया फ्रीज
सीओ सौम्या अस्थाना ने बताया कि आरोपी के तार तमिलनाडु से भी जुड़े मिले हैं। जांच में पता चला कि एक महीने पहले तमिलनाडु से उसके खाते में करीब 20 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे, जो अश्लील वीडियो की बिक्री से जुड़े थे। तमिलनाडु पुलिस ने इस लेनदेन के आधार पर अमित जैन के बैंक खाते को फ्रीज कर दिया था। वहां की पुलिस को भी जांच के दौरान कई अहम तथ्य हाथ लगे हैं और वह भी आरोपी व उसके सहयोगियों की तलाश कर रही है।
नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि अमित जैन अकेले यह काम नहीं कर रहा था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कई ऐसे मैसेज मिले हैं, जिनसे साफ होता है कि इस अवैध धंधे में अन्य लोग भी शामिल हैं। वीडियो को लेकर बातचीत, सौदेबाजी और भुगतान से जुड़े सबूत पुलिस को मिले हैं। ब्रह्मपुरी पुलिस अब देहरादून और तमिलनाडु पुलिस से समन्वय बनाकर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की तैयारी में है।
सोशल मीडिया पर साइबर पुलिस की सख्त नजर
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अमित जैन से जुड़े सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच की जा रही है। आरोपी के अकाउंट्स को सस्पेंड करा दिया गया है और इसी तरह के अन्य संदिग्ध अकाउंट्स पर भी नजर रखी जा रही है।
फिलहाल पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी और उसके साथियों को गिरफ्तार कर इस घिनौने अपराध का पूरा खुलासा किया जाएगा।






