देहरादून में मौसम का मिजाज लगातार बदलने से लोगों की सेहत पर असर पड़ने लगा है। दिन में गर्मी और सुबह-शाम की ठंड के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। चिकित्सक और डायटीशियन लोगों को सतर्क रहने और जीवनशैली में सुधार करने की सलाह दे रहे हैं।
बढ़ रहे वायरल और एलर्जी के मरीज
जिला चिकित्सालय के फिजीशियन डा. प्रवीण पंवार के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में अस्पताल में वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तापमान में बदलाव वायरस को सक्रिय करता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि इन दिनों गले में दर्द, छींक आना, नाक बहना, खांसी, और सांस लेने में तकलीफ जैसे मामलों में तेजी आई है।
डा. पंवार ने कहा कि तापमान के उतार-चढ़ाव से हवा में मौजूद एलर्जी पैदा करने वाले तत्व भी सक्रिय हो जाते हैं। दिन में धूप बढ़ने और शाम को ठंडक के कारण पाचन, त्वचा और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को इससे अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
डॉक्टरों की सलाह
बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवा और पानी से बचाएं।
सांस या शुगर की समस्या वाले मरीज गर्म पानी पिएं और डॉक्टर की सलाह लें।
गले में खराश या वायरल लक्षण दिखें तो स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श करें।
बाहर का या गंदगी वाले स्थानों का भोजन न करें।
संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छता का ध्यान रखें और भीड़भाड़ से बचें।
खानपान पर रखें विशेष ध्यान
डायटीशियन दीपशिखा गर्ग ने बताया कि इस मौसम में संतुलित और सुपाच्य आहार सबसे जरूरी है। खानपान में थोड़ी सी लापरवाही से इम्यूनिटी कमजोर पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि आसानी से पचने वाला, हल्का और घर का बना ताजा भोजन शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करता है।
डायटीशियन की सलाह
भोजन में तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ाएं, दिन में पर्याप्त पानी पिएं।
तला-भुना और मसालेदार खाना कम करें, क्योंकि इससे कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए दूध में हल्दी, आंवला, और संतरा शामिल करें।
बासी खाना या लंबे समय तक रखा हुआ फल न खाएं।
दही और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन सीमित करें, क्योंकि ये खांसी-जुकाम को बढ़ा सकते हैं।
सावधानी ही बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बड़ी परेशानी बन सकती है। इस समय शरीर को मजबूत रखने के लिए पर्याप्त नींद, हल्का व्यायाम, और पौष्टिक भोजन बेहद जरूरी है। स्वस्थ आदतें अपनाकर ही मौसमी बीमारियों से खुद और परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।
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