अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

देहरादून: नगर निगम की करोड़ों की जमीन पर दबंगों की लगातार नजर, बोर्ड तोड़कर फिर से कब्जे की कोशिश

On: October 8, 2025 9:05 AM
Follow Us:

देहरादून: सहस्रधारा रोड के पास नगर निगम की करोड़ों की संपत्तियों पर भूमाफिया की नज़र लगातार बनी हुई है। निगम की चेतावनियों और बार-बार की गई कार्रवाई के बावजूद माफिया कब्जे की कोशिशों से बाज नहीं आ रहे। नगर निगम ने अपनी जमीनों पर स्वामित्व बोर्ड लगाकर लोगों को सतर्क किया है, लेकिन कई बार ये बोर्ड उखाड़ फेंके जा रहे हैं। निगम ने अब चेतावनी दी है कि अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

सहस्रधारा रोड के पास निगम की जमीन पर कब्जे का खेल

सहस्रधारा रोड से सटे इलाकों में निगम की कीमती जमीनों पर लगातार कब्जे की साजिशें चल रही हैं। सूत्रों के अनुसार, यह कोई इक्का-दुक्का मामला नहीं है, बल्कि कुछ लोगों द्वारा संगठित तरीके से सरकारी भूमि पर कब्जा जमाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि जब भी निगम कार्रवाई करता है या बोर्ड लगाता है, कुछ ही दिनों में माफिया फिर से सक्रिय हो जाते हैं। यहां तक कि कई बार निगम के बोर्ड तक उखाड़कर जमीन को खुर्दबुर्द करने की कोशिश की जाती है।

निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

कई मौकों पर यह देखा गया है कि जब अवैध निर्माण या कब्जा शुरू होता है, तब नगर निगम की टीम मौके पर नहीं पहुंचती। शिकायतें दर्ज होने के बाद ही कार्रवाई की जाती है। इससे निगम के भूमि अनुभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सूत्र बताते हैं कि भूमाफिया अक्सर सरकारी छुट्टियों या सप्ताहांत का फायदा उठाते हैं। जब अधिकारी अवकाश पर होते हैं, तो माफिया मौके का फायदा उठाकर जमीन पर निर्माण शुरू कर देते हैं। हाल ही में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ ही दिनों में निर्माण शुरू कर दिया गया।

डांडा लखौंड में फिर हुआ कब्जे का प्रयास

डांडा लखौंड क्षेत्र में निगम की जमीन पर हाल ही में एक बार फिर कब्जे की कोशिश की गई। यहां भूमाफिया ने निगम का स्वामित्व बोर्ड तक उखाड़ फेंका। हालांकि, निगम की टीम मौके पर पहुंची और अवैध कब्जा हटाकर दोबारा बोर्ड लगाया। सवाल उठता है कि आखिर भूमाफिया इतने हिम्मती कैसे हो गए—क्या उनका नेटवर्क बहुत मजबूत है या फिर निगम की व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है?

एलिवेटेड रोड प्रभावितों की जमीन पर भी नज़र

सहस्रधारा रोड के आईटी पार्क के पास डांडा लखौंड क्षेत्र में नगर निगम और राज्य सरकार की करीब चार से छह बीघा जमीन एलिवेटेड रोड परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए चिह्नित की गई है। मगर, अब इस भूमि पर भी कब्जे की कोशिशें तेज हो गई हैं। निगम ने एहतियात के तौर पर यहां निगरानी बढ़ाई है और प्राथमिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

बाउंड्रीवॉल की योजना फाइलों में अटकी

निगम की कई जमीनें अभी तक खुली पड़ी हैं। भूमि अनुभाग द्वारा कब्जा हटाने के बाद भी निर्माण अनुभाग की ओर से तारबाड़ या बाउंड्रीवॉल बनाने में देरी होती है। इसी कारण कई बार खाली कराई गई जमीनों पर दोबारा कब्जा हो जाता है। करीब डेढ़ साल से बाउंड्रीवॉल निर्माण की योजना ठंडे बस्ते में पड़ी है।

महापौर का सख्त रुख

नगर निगम के महापौर सौरभ थपलियाल ने कहा कि निगम की एक-एक इंच जमीन पर अगर किसी ने कब्जा किया है, तो उसे खाली कराया जाएगा। भूमाफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर दर्ज होगी। निगम जल्द ही सभी खाली जमीनों की घेराबंदी कराने की कार्ययोजना पर काम शुरू करेगा। साथ ही, अगर किसी निगमकर्मी की संलिप्तता पाई गई तो उसके खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।

यह भी पढ़ें – सुपरस्टार रजनीकांत ने किए भगवान बदरीनाथ के दर्शन, द्वारहाट के लिए हुए रवाना

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment