विकासनगर में एक निजी कंपनी के अधिकारी को क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश का लालच देकर 16.15 लाख रुपये की साइबर ठगी का शिकार बनाया गया। अज्ञात ठगों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकारी को झांसे में लेकर विभिन्न बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, ठगों ने अधिकारी को ऑनलाइन चैटिंग के जरिये संपर्क कर क्रिप्टो ट्रेडिंग से मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। शुरुआत में उन्हें कुछ छोटे टास्क दिए गए, जिनमें क्रमशः 2,000, 5,000 और 21,000 रुपये जमा करने के लिए कहा गया। ठगों ने भरोसा दिलाया कि टास्क पूरे करने के बाद रकम के साथ लाभ भी वापस मिल जाएगा।
जब अधिकारी ने शुरुआती टास्क पूरे कर दिए, तो उन्हें निकासी के लिए और टास्क करने का निर्देश दिया गया, जिनमें 49,000 रुपये और 1,28,000 रुपये की अतिरिक्त राशि मांगी गई। हर बार भुगतान के बाद ठगों ने यह कहकर और पैसे मांगे कि टास्क गलत तरीके से पूरा हुआ है। इस तरह अधिकारी ने धीरे-धीरे कुल 4,36,000 रुपये तक जमा कर दिए।
आखिर में जब उन्होंने निकासी की मांग की, तो उन्हें बताया गया कि उनका अकाउंट “फ्रीज” कर दिया गया है। तब उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं।
थानाध्यक्ष कालसी दीपक धारीवाल ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच उप निरीक्षक नीरज कठैत को सौंपी गई है। पुलिस ठगों के बैंक खातों और ट्रांजेक्शनों का ब्योरा जुटा रही है।








