गुरुग्राम/ऋषिकेश: गुरुग्राम के सॉफ्टवेयर इंजीनियर शुभम चौधरी की शादी के बाद जीवन में आया पहला बड़ा झटका तब हुआ जब उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी लंबे समय से किसी अन्य पुरुष के संपर्क में थी। शादी के बाद पत्नी ने लगातार शुभम के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इंकार किया, जिससे शुभम को शक हुआ। धीरे-धीरे जब पत्नी के व्यवहार में बदलाव दिखाई दिया, तो शुभम ने उसकी हरकतों पर नजर रखना शुरू किया।
मोबाइल जांच में खुला बड़ा रहस्य
शुभम ने अपनी पत्नी का मोबाइल चेक किया और पाया कि वह किसी अन्य युवक से लगातार चैटिंग कर रही थी। चैट्स से स्पष्ट था कि दोनों के बीच प्रेम संबंध चल रहे थे। साथ ही, शुभम को यह भी पता चला कि पत्नी का प्रेमी कई दिनों से उसका पीछा कर रहा था। इस स्थिति ने शुभम को गहराई से झकझोर दिया और उसने तियांजू इन्वेस्टिगेटिव सर्विस प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया, ताकि पत्नी और उसके प्रेमी की गतिविधियों की पूरी जानकारी जुटाई जा सके।
तपोवन होटल में रंगेहाथ पकड़ी गई पत्नी
शुभम की पत्नी को शक हो गया कि शुभम को उसकी गतिविधियों का पता चल गया है। इसके बाद उसने अपने प्रेमी के साथ योजना बनाई और 30 सितंबर की रात कार से ऋषिकेश स्थित तपोवन पहुंची, जहां वे एक होटल के कमरे नंबर-202 में ठहरे। जासूसों ने उन्हें ट्रैक किया और शुभम को सूचना दी।
रात लगभग साढ़े 10 बजे स्थिति स्पष्ट होने के बाद शुभम ने स्थानीय पुलिस चौकी से मदद मांगी। महिला पुलिस कर्मी की अनुपस्थिति के कारण होटल में प्रवेश नहीं हो सका, लेकिन डायल-112 के माध्यम से सुबह चार बजे टिहरी के मुनीकीरेती थाने की पुलिस टीम होटल पहुंची और पत्नी व उसके प्रेमी को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ।
ऑनलाइन शॉपिंग से मिले थे संकेत
शुभम ने अपनी पत्नी के मोबाइल में ऑनलाइन शॉपिंग की जानकारी भी देखी। कई बार उसने ऑनलाइन कंडोम मंगाया था, जबकि हथौड़ा (हैमर) भी खरीदा गया था। शुभम को शक हुआ कि पत्नी और प्रेमी किसी साजिश में शामिल हो सकते हैं। तियांजू एजेंसी के निदेशक देवव्रत पुरी गोस्वामी ने बताया कि पड़ताल में यह भी पता चला कि प्रेमी कई दिन से शुभम का पीछा कर रहा था।
शादी से पहले ही चल रहा था अफेयर
पुलिस और जासूसों की पड़ताल में यह भी सामने आया कि शुभम की पत्नी का प्रेमी के साथ रिश्ता शादी से पहले से ही चल रहा था। यह जानकारी पत्नी के परिवार को भी थी, लेकिन समुदायिक भिन्नता के कारण उन्होंने बेटी को प्रेमी से शादी नहीं करने दी और शुभम के साथ शादी के लिए मना लिया। शुभम और पत्नी जाट समुदाय के हैं, जबकि प्रेमी ब्राह्मण है और गाजियाबाद में कबाड़ कारोबार करता है।
शुभम ने पत्नी को रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई। पुलिस ने पत्नी और प्रेमी को छोड़ दिया। हालांकि शुभम ने रिश्ता वहीं समाप्त कर दिया और पत्नी अपने प्रेमी के साथ चली गई।







