अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

“दून–मसूरी मार्ग पर भीषण जाम, मसूरी पहुंचने में तीन और लौटने में चार घंटे”

On: October 5, 2025 8:31 AM
Follow Us:

देहरादून से मसूरी तक के मार्ग पर हालात अभी भी चिंताजनक हैं। 35 किलोमीटर की दूरी तय करने में अब लगभग तीन घंटे लग रहे हैं, जिससे पर्यटकों को भारी परेशानी हो रही है। पुलिस और प्रशासन के प्रयास जाम कम करने में असफल साबित हो रहे हैं। केवल मसूरी मार्ग ही नहीं, बल्कि कैंपटी फाल और हरिद्वार मार्ग पर भी भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। परिवहन निगम की बसों का संचालन बंद होने के कारण सैलानियों को महंगी टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है।

सुकून और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए मसूरी आने वाले सैलानी इन दिनों परेशान नजर आ रहे हैं। दिल्ली-नोएडा से देहरादून पहुंचने में जितना समय लगता है, उतना ही समय दून से मसूरी जाने में भी लग रहा है। सामान्यतः केवल 35 किलोमीटर की दूरी कार से आसानी से तय हो जाती थी, लेकिन अब इसे पूरा करने में लगभग तीन घंटे लग रहे हैं।

15 सितंबर को आई आपदा के बाद मार्ग कई जगह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे मसूरी की रौनक प्रभावित हुई थी। हालांकि मार्ग खुलने के बाद सैलानी एक बार फिर पहाड़ी नगर की ओर बढ़ रहे हैं। सप्ताहांत के मौके पर शुक्रवार से ही बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी पहुंचना शुरू हो गए थे, और शनिवार को यह संख्या और बढ़ गई।

हालांकि दून-मसूरी मार्ग पर आठ स्थानों पर मार्ग क्षतिग्रस्त है या मलबा जमा है। खासकर कुठालगेट, शिव मंदिर, मसूरी बैंड व झरने के पास, कोल्हूखेत, गलोगी और चूनाखाल में वाहनों को एक-एक कर दूसरी तरफ जाने दिया जा रहा है, जिससे लंबा जाम लग रहा है। इसके अलावा किंक्रेग के दोनों ओर भी दो से तीन किलोमीटर लंबा जाम बना हुआ है।

मसूरी से दो किलोमीटर पहले किंक्रेग से लाइब्रेरी चौक तक का सफर सैलानियों को एक घंटे में तय करना पड़ रहा है। जाम में फंसे पर्यटक बेहद झुंझलाए हुए हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन जाम खोलने में असफल साबित हो रहे हैं। भीड़ प्रबंधन की दिशा में प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। लौटते समय भी सैलानियों को लंबा समय जाम में बिताना पड़ रहा है, जिससे पूरा मूड खराब हो गया है।

कैंपटी फाल और धनोल्टी मार्ग भी जाम में

कैंपटी फाल जाने वाला मार्ग शनिवार को पूरी तरह जाम रहा। बड़ी संख्या में पर्यटक सैर के लिए यहां जा रहे थे, जिससे निकासी में डेढ़ से दो घंटे लग गए। धनोल्टी, बुरांशखंडा, काणाताल और आसपास के क्षेत्रों में भी सैलानियों की भीड़ के कारण यातायात जाम बना रहा। कंपनी गार्डन, भट्टाफाल, गनहिल, मसूरी झील, लालटिब्बा और माल रोड समेत प्रमुख स्थलों पर भी जाम की स्थिति बनी रही।

हरिद्वार मार्ग में भी चलना मुश्किल

देहरादून शहर में हरिद्वार मार्ग की स्थिति भी गंभीर है। हाईवे बनने के बाद हरिद्वार से जोगीवाला तक वाहन तो आसानी से आ रहे हैं, लेकिन जोगीवाला से रिस्पना पुल और अजबपुर फ्लाईओवर तक चार किलोमीटर की दूरी तय करने में एक से डेढ़ घंटे लग रहे हैं। शहर की बड़ी आबादी और राजमार्ग पर वाहन दबाव की वजह से अजबपुर फ्लाईओवर से मोहकमपुर तक भी जाम लगा हुआ है। एयरपोर्ट, हरिद्वार और ऋषिकेश से आने वाले वाहन भी जाम में फंसे रहे।

बसों के न चलने से पर्यटकों को महंगी टैक्सियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है

आपदा के बाद मसूरी मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने से परिवहन निगम की बसें 15 सितंबर से नहीं चल रही हैं। इसी वजह से ट्रेन या बस से देहरादून पहुंचने वाले पर्यटक टैक्सी पर महंगा किराया देकर मसूरी जा रहे हैं। सामान्य दिनों में रोजाना 30 बसें संचालित होती हैं, जिनमें 25 बसें सीधे देहरादून-मसूरी मार्ग पर जाती हैं और बाकी अन्य पर्वतीय स्थलों के लिए।

मौसम सुहावना होने के कारण दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, हरियाणा और पंजाब के पर्यटक इन दिनों मसूरी की ओर बढ़ रहे हैं। शनिवार को भी बड़ी संख्या में सैलानी देहरादून पहुंचे, लेकिन बस न चलने के कारण वैकल्पिक वाहनों पर निर्भर रहना पड़ा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment