देहरादून में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पुलिसकर्मी और उसके सहयोगी पर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 15.21 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा है। पीड़ित ने जब पुलिस से न्याय की गुहार लगाई, तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार कोर्ट के आदेश पर पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कुंज विहार, कारगी चौक निवासी विनोद कुमार ने एसीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि वह शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। वर्ष 2022 में उनकी मुलाकात पुराने परिचित पुलिस दरोगा मनोहर सिंह गुसांई (निवासी केदारपुरम नेहरू कॉलोनी, मूल निवासी पैठाणी) से हुई। मनोहर ने उनके बड़े बेटे सुमित कुमार को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। इसी दौरान उसने अपने साथी धीरेंद्र चौहान (निवासी सैनिक कॉलोनी, केहरी गांव, थाना प्रेमनगर) से भी उनकी मुलाकात करवाई।
विनोद कुमार के अनुसार, दोनों ने खुद को सरकारी संपर्कों वाला बताते हुए उनके बेटे की नौकरी राजपुर रोड स्थित एक ऑफिस के माध्यम से लगवाने की बात कही। मनोहर के पुलिस विभाग में होने और पुराने परिचय के कारण वह उनके झांसे में आ गए। उन्होंने 2022 से 2023 के बीच कुल 15.21 लाख रुपये दोनों को दे दिए, जो उन्होंने बैंक से लोन लेकर चुकाए थे।
हालांकि, काफी समय बीत जाने के बाद भी उनके पुत्र की नौकरी नहीं लगी और जब उन्होंने रकम लौटाने की बात कही तो आरोपित टालमटोल करने लगे। इतना ही नहीं, दोनों ने उन्हें फर्जी सरकारी नियुक्ति पत्र भी भेजे ताकि भरोसा बना रहे।
विनोद कुमार ने बताया कि उन्होंने 3 जनवरी और 19 जुलाई को पटेलनगर कोतवाली और एसएसपी कार्यालय में सभी साक्ष्यों सहित शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के निर्देश के बाद पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने दरोगा मनोहर सिंह गुसांई और धीरेंद्र चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है।






