देहरादून में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब सभी स्कूली वाहनों में CCTV कैमरा, पैनिक बटन और GPS ट्रैकिंग अनिवार्य किए जाएंगे। विभाग ने स्कूलों में सेफ्टी ऑडिट शुरू कर दिया है और इसके लिए 27 बिंदुओं का परफार्मा तैयार किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वाहनों में न केवल लोकेशन ट्रैक की जाएगी, बल्कि अंदर की गतिविधियों पर भी निगरानी रहेगी। विभागीय टीम रोजाना अलग-अलग स्कूलों में जाकर वाहनों का ऑडिट करेगी और रिपोर्ट तैयार करेगी। गुरुवार को दून के चार प्रमुख स्कूलों और शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में वाहन जांच की गई।
नियम और सुरक्षा निर्देश:
चालक के पास कम से कम 5 साल का भारी वाहन चलाने का अनुभव होना जरूरी।
वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन पुलिस की मदद से किया जाएगा।
ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाना या नियम उल्लंघन करने वाले चालक प्रतिबंधित होंगे।
वाहनों में योग्य परिचालक और महिला सहायक अनिवार्य।
बच्चों की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक नहीं हो सकती।
चालक के पास बच्चों के नाम, ब्लड ग्रुप, रूट प्लान और रुकने के प्वाइंट की जानकारी होनी चाहिए।
वाहन में अभिभावकों का नाम, पता और मोबाइल नंबर सूचीबद्ध रहनी चाहिए।
स्कूल बच्चों, चालक और वाहन स्वामी के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाना अनिवार्य।
आरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि जिन वाहनों में कोई कमी मिलेगी, उनकी फिटनेस केवल सभी नियमों को पूरा करने के बाद ही जारी होगी। इस पहल से बच्चों की सुरक्षा और स्कूल बस संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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