देहरादून: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में 19 अगस्त से 22 अगस्त तक मानसून सत्र आयोजित किया जाएगा। सत्र से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को संसदीय कार्य मंत्री का कार्यभार सौंप दिया है। यह पद पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के 16 मार्च को इस्तीफे के बाद से खाली था। प्रेमचंद अग्रवाल के पास शहरी विकास, वित्त और संसदीय कार्य मंत्रालय की जिम्मेदारी थी, जो उनके इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री के पास चली गई थी।
संसदीय कार्य मंत्री का पद विधानसभा सत्र के दौरान बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसके अंतर्गत विपक्ष और सदन के सदस्यों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब देना शामिल है। आमतौर पर मुख्यमंत्री यह जिम्मेदारी स्वयं कम ही निभाते हैं, इसलिए लंबे समय से उम्मीद जताई जा रही थी कि सरकार जल्द इस पद पर नियुक्ति करेगी। बुधवार, 13 अगस्त की शाम को मुख्यमंत्री कार्यालय से आदेश जारी कर सुबोध उनियाल को इस पद पर अधिकृत कर दिया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने आदेश में कहा कि आगामी द्वितीय सत्र के दौरान सुबोध उनियाल मुख्यमंत्री से संबंधित विभागों के सभी विधायी और संसदीय प्रश्नों का उत्तर देंगे तथा आवश्यक कार्यों का संचालन करेंगे। 19 अगस्त से शुरू हो रहे सत्र की घोषणा पहले ही 11 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में हो चुकी थी, लेकिन संसदीय कार्य मंत्री की नियुक्ति लंबित थी, जिस पर अब विराम लग गया है।
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, इस बार सत्र में अब तक 545 प्रश्न सदस्यों द्वारा भेजे जा चुके हैं। वहीं हाल ही में उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा भी सत्र का बड़ा मुद्दा होगी। माना जा रहा है कि इस बार का मानसून सत्र सरकार के लिए कई गंभीर प्रश्न खड़ा करेगा, जिनमें आपदा प्रबंधन, पुनर्वास और पुनर्स्थापना प्रमुख विषय रहेंगे।
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