उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में भारी तबाही मच गई है। रविवार देर रात ऊपरी हिमालयी क्षेत्र में बादल फटने से खीरगंगा नदी में उफान आ गया, जिससे पूरे इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। गांव में सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं और राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
मुख्यमंत्री पहुंचे आपातकालीन परिचालन केंद्र
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार सुबह राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (EOC) पहुंचकर हालात की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अपडेट लिया और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घटना के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया।
रेस्क्यू अभियान में सेना और आईटीबीपी तैनात
आईटीबीपी, सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने जानकारी दी कि 10 डीएसपी, 3 एसपी और लगभग 160 पुलिसकर्मी राहत कार्य में तैनात किए गए हैं। भारतीय सेना के हेलिकॉप्टर भी तैयार हैं, जो मौसम साफ होते ही एयरलिफ्टिंग के लिए रवाना होंगे। मोबाइल नेटवर्क ठप है और बिजली की बहाली का काम तेजी से चल रहा है।
सीएम धामी का बयान: “हर संभव मदद देंगे, प्रधानमंत्री खुद ले रहे हैं अपडेट”
सीएम धामी ने कहा कि, “हमारा पहला लक्ष्य सभी को सुरक्षित निकालना है। केंद्र सरकार की सभी एजेंसियां राहत कार्य में जुटी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह खुद पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। पीएम ने आज सुबह भी पूरी जानकारी ली।”
सांसद अजय भट्ट ने कहा – कई सड़कें बह गईं, 120 लोगों को बचाया गया
केंद्रीय मंत्री और सांसद अजय भट्ट ने कहा, “यह एक अत्यंत दुखद घटना है। अब तक करीब 120 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनका इलाज जारी है। कई सड़कें और एक पुल बाढ़ में बह गए हैं, जिससे राहत दलों को मौके पर पहुंचने में दिक्कत हो रही है।”
गांव में 200 लोग फंसे, अस्थाई पुल बनाने का प्रयास
धराली गांव में करीब 200 लोग फंसे हुए हैं। सेना और आईटीबीपी के जवान लगभग 25 फीट ऊंचे मलबे को हटाकर गांव तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। राहत दल अस्थाई पुलिया तैयार कर रहे हैं ताकि गांव में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके।
एक युवक का शव बरामद, तलाश अभियान जारी
धराली में मलबे से एक 32 वर्षीय युवक का शव बरामद किया गया है। मृतकों की संख्या बढ़कर अब चार हो गई है। हर्षिल में राहत कार्य तेज करने के लिए अतिरिक्त सेना टीम, खोजी कुत्ते, ड्रोन और खुदाई मशीनें भेजी गई हैं।
गंगोत्री हाईवे बना राहत कार्य में बाधा
गंगोत्री हाईवे के क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत कार्य में रुकावट आ रही है। भारी मलबे और टूटी सड़कों के चलते बचाव दलों को मौके तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के करीब
लगातार हो रही बारिश का असर हरिद्वार में भी दिखने लगा है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि गंगा का जलस्तर चेतावनी सीमा के करीब पहुंच गया है। सोमवार को जलस्तर 293 मीटर के आसपास रहा, जो चेतावनी स्तर है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सभी विभाग सतर्क हैं।
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